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Hindi News उत्तर प्रदेशसरकारी यूनिवर्सिटी ही नहीं मान रही यूजीसी के नियम, यूपी में 10 विश्वविद्यालय डिफॉल्टर

सरकारी यूनिवर्सिटी ही नहीं मान रही यूजीसी के नियम, यूपी में 10 विश्वविद्यालय डिफॉल्टर

सीएसए समेत यूपी के 10 विश्वविद्यालय डिफॉल्टर घोषित किए गए। यूजीसी ने लोकपाल नियुक्त नहीं करने पर इन्हें डिफॉल्टर घोषित किया है। देश के सभी विवि को लोकपाल नियुक्त करने का आदेश दिया था जो नहीं माना गया।

सरकारी यूनिवर्सिटी ही नहीं मान रही यूजीसी के नियम, यूपी में 10 विश्वविद्यालय डिफॉल्टर
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,कानपुरMon, 24 Jun 2024 06:03 AM
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) को डिफॉल्टर घोषित किया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने लोकपाल नियुक्त न करने पर सीएसए के अलावा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी, सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ समेत उत्तर प्रदेश के 10 विश्वविद्यालयों के नाम डिफॉल्टर विवि की सूची शामिल किए हैं।

यूजीसी ने 17 जनवरी 2024 को एक आदेश जारी कर देश के सभी विवि को लोकपाल की नियुक्ति करने का आदेश दिया था। नियुक्ति के बाद सभी विवि को लोकपाल से संबंधित जानकारी को एक जून 2024 तक अपडेट करनी थी। यूजीसी ने लोकपाल संबंधित जानकारी न देने वाले विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। 19 जून को यूजीसी ने आदेश जारी करते हुए देश के 108 विश्वविद्यालय, 47 प्राइवेट विश्वविद्यालय और दो डीम्ड विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर घोषित किया है। 

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आदेश के अनुसार, यूपी से अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल विश्वविद्यालय लखनऊ, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया, महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय आजमगढ़, प्रो. राजेंद्र सिंह विश्वविद्यालय प्रयागराज, पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान मथुरा, किंग चार्ज यूनिवर्सिटी ऑफ डेंटल साइंसेस लखनऊ और उप्र यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेस सैफई इटावा को डिफॉल्टर की सूची में रखा गया है। 

सीएसए विवि कानपुर के निदेशक (मॉनीटरिंग एंड प्रशासन), डॉ. नौशाद खान ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि राजभवन से लोकपाल की नियुक्ति का पत्र तीन माह पहले आया था। विवि में लोकपाल नियुक्ति की जानकारी राजभवन को दे दी गई थी। यूजीसी को इसकी सूचना देने के बारे में जानकारी नहीं थी। यूजीसी की डिफॉल्टर सूची में विवि का नाम आने की जानकारी मिली है। आयोग को नियुक्ति के बारे में बताया जाएगा। हैरत की बात यह है कि स्टेट यूनिवर्सिटी सरकारी होती हैं। इनकी सारी व्यवस्था यूपी सरकार करती है और इन पर यूपी सरकार का कंट्रोल होता है। लेकिन इनमें भी यूजीसी के नियमों का पालन नहीं किया गया है।