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उन्नाव में पंखे में करंट से नहीं जहर से मरे थे चारों बच्चे, पिता ने ही मारा, भेजा जेल

उन्नाव में पंखे में करंट से चार मासूमों की मौत ने हड़कंप मचा दिया था। अब खुलासा हुआ है कि चारों बच्चों की करंट से नहीं बल्कि जहर से मौत हुई थी। जहर भी खुद पिता ने ही दिया था। उसे जेल भेज दिया गया है।

उन्नाव में पंखे में करंट से नहीं जहर से मरे थे चारों बच्चे, पिता ने ही मारा, भेजा जेल
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,बारासगवर (उन्नाव)Fri, 01 Dec 2023 09:18 PM
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उन्नाव में चार मासूम बच्चों की पंखे के करंट से मौत नहीं हुई थी, बल्कि जहर देकर चारों को मारा गया था। जहर भी किसी और ने नहीं बल्कि उनके पिता ने ही दिया था। पिता ने एक वीडियो में खुद स्वीकार भी कर लिया है। इसके बाद पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो में पिता वीरेंद्र के बच्चों को मारने की बात कबूल करना और परिजन व ग्रामीणों के बयान को साक्ष्य मानते हुए कार्रवाई की गई है। 

बारा सगवर थाना क्षेत्र के लालमनखेडा गांव में 19 नवंबर को मासूम मयंक, हिमांशी, हिमांक और मानसी की मौत हो गई थी। तब बताया गया कि चारों की मौत पंखे में उतरे करंट के कारण हुई है। पुलिस की तरफ से इस मामले को लेकर लगातार लापरवाही भी होती रही। पुलिस ने पहले दिन से करंट से मौत मान लिया और कोई जांच नहीं की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करंट और जहर से मौत की बात आने पर बच्चों का विसरा जांच के लिए भेजा गया। 

उधर, बच्चों की मां शिव देवी ने पति वीरेंद्र पर आरोप लगाते हुए थाने में कार्रवाई के लिए तहरीर दी मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। घटना के तीसरे दिन पिता ने खुद को फंसता देख जहरीला पदार्थ निगल लिया। इस पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हालांकि सेहत सुधरने के बाद उसने वीडियो वायरल कर पिता वीरेंद्र ने बच्चों को जहर देकर हत्या की बात कबूल कर ली मगर पुलिस ने वीरेंद्र को मानसिक रूप से परेशान बताते हुए लखनऊ के केजीएमयू मानसिक रोग विभाग में भर्ती करा दिया। उसका कहना था विसरा जांच रिपोर्ट से ही सही स्थिति स्पष्ट होगी।

इसके बाद मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस की किरकिरी शुरू हुई तो बुधवार को मां शिवदेवी की तहरीर पर वीरेंद्र के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। वीरेंद्र पर पत्नी को जान से मारने की धमकी देने का भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने वीरेंद्र से पूछताछ के बाद गांव में परिजनों व ग्रामीणों के बयान को आधार बनाते हुए उसे जेल भेज दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उलझाया, जांच रिपोर्ट का अभी इंतजार 
पुलिस अब भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार करंट से ही मौत बता रही है। पुलिस की मानें तो बच्चों के पेट से एक जैसी दुर्गंध आने पर जहर की आशंका जताई गई थी पर डॉक्टरों ने जांच के लिए विसरा सुरक्षित कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तो बच्चों के करंट लगने के बाद इन और आउट दर्शाया गया है। बच्चों के पेट में मिले भोजन में जहर की पुष्टि को लेकर विसरा सुरक्षित कराया गया था। विसरा का मतलब ही विस का पाया जाना होता है। विसरा जांच रिपोर्ट में आने में समय लग सकता है।

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