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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशसाजिश रचने वालों को भारत छोड़ेगा नहीं : राजनाथ सिंह

साजिश रचने वालों को भारत छोड़ेगा नहीं : राजनाथ सिंह

लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाताDinesh Rathour
Sun, 14 Nov 2021 08:16 PM
साजिश रचने वालों को भारत छोड़ेगा नहीं : राजनाथ सिंह

केन्द्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय जगत में हाल के वर्षों में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। धीरे-धीरे हम यह संदेश देने में सफल हुए हैं कि अगर कोई भी देश भारत के खिलाफ साजिश करता है तो भारत उसे छोड़ेगा नहीं। भले ही वह देश कितना भी ताकतवर क्यों न हो। केंद्रीय रक्षामंत्री रविवार को तेलीबाग में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के रजत जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर आज के भारत की बात करें तो इसे दुनिया के सबसे मजबूत देशों में एक माना जाता है। इस सच्चाई से कोई इंकार नहीं कर सकता कि वैश्विक समुदाय में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। पहले भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिस नजरिए से देखा जाता था, उसमें बहुत बड़ा बदलाव आया है। यह सब लोगों को समझना चाहिए।

भारतीय सैनिकों ने इतिहास बनाया है 

पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि लोग किताबों में इतिहास पढ़ते हैं, पर भारतीय सैनिकों ने वर्ष 1971 के युद्ध में इतिहास रच दिया। हमें अपने सभी सैनिकों पर गर्व है। पाकिस्तान की वर्ष 1971 की लड़ाई में हार को निर्णायक बताते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इससे हमने दुनिया को बताया कि भारत और पाकिस्तान की तुलना नहीं की जा सकती है। 

भारत के पास आंतकवाद से लड़ने की ताकत

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत एक शांतिप्रिय देश है। भारत का इतिहास रहा है कि हमने न कभी किसी देश पर आक्रमण किया है और न ही किसी देश की एक इंच जमीन पर कब्जा किया, पर सर्जिकल स्ट्राइक व एयर स्ट्राइक से साबित हो चुका है कि जो भी भारत के खिलाफ साजिश करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग मानते थे कि आतंकवाद से लड़ने की ताकत केवल अमेरिका व इजराइल के पास है, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज दुनिया मानने लगी है कि भारत के पास भी आतंकवाद से लड़ने की ताकत है। 

पाक को आतंकवाद का साथ छोड़ना पड़ेगा 

केन्द्रीय रक्षामंत्री ने कहा कि वर्ष 1971 की सीधी लड़ाई हो या वर्ष 1999 का कारगिल युद्ध हो, पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा। इन लड़ाई को हारने वाले पाकिस्तान का अब आतंकवाद से अपने संबंध छोड़ने ही पड़ेंगे। यह बात साफ हो गई है। 

चीन का नाम लिए बगैर किया हमला 

रक्षामंत्री ने चीन का नाम लिए बगैर कहा कि हमारा एक पड़ोसी है, जिसने ठान रखा है कि विश्व में कोई भी हो, उसके साथ हमें मनमानी करनी है। कई देशों ने उनकी नीतियों का विरोध नहीं किया है, जबकि करना चाहिए था। भारत की भी वर्ष 2014 से पहले यही स्थिति थी, लेकिन इसके बाद हमने अपनी नीति बदली है। हमारी सेना के जवानों ने भी उस पड़ोसी को जो संदेश देना चाहिए, वह संदेश दिया है।

कुछ राजनीतिक दल सेना के शौर्य पर सवाल उठा रहे 

केन्द्रीय रक्षामंत्री ने कहा कि हम अपने सशस्त्र बलों के हाथ कभी नहीं बांधेंगे। सेना को हर फैसले लेने की छूट दी गई है। वे जो निर्णय लेते हैं। हम उनके फैसले के साथ खड़े होंगे, चाहे कुछ भी हो। अगर अनजाने में कोई फैसला गलत भी हो जाता है, तब भी हम अपने जवानों के साथ खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल सेना के शौर्य व पराक्रम पर सवाल उठा रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने परिषद की स्मारिका व सैन्य चेतना के बढ़ते कदम पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में कानून मंत्री बृजेश पाठक, सैनिक कल्याण एवं होमगार्ड मंत्री पलटू राम व परिषद के अध्यक्ष ले. कर्नल वीके चतुर्वेदी भी मौजूद थे।
 

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