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यूपी में बुर्का रैंप वॉक के समर्थन में उतरे उलेमा, बोले- जायज या नाजायज का मसला नहीं

मुजफ्फरनगर के श्रीराम कॉलेज में फैशन शो के दौरान रैंप पर बुर्के में कैटवॉक करने पर जमियत के विरोध के बाद अब कई उलेमा इसके पक्ष में भी उतर आए हैं। उनका कहना है कि यह शिक्षा का हिस्सा है।

यूपी में बुर्का रैंप वॉक के समर्थन में उतरे उलेमा, बोले- जायज या नाजायज का मसला नहीं
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,मुजफ्फरनगरTue, 28 Nov 2023 10:35 PM
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मुजफ्फरनगर के श्रीराम कॉलेज में आयोजित फैशन शो में बुर्का पहनकर रैंप पर कैटवॉक करती मुस्लिम छात्राओं के मामले को जमियत उलेमा के जिला संयोजक कारी मुर्करम कासमी ने महजब जोड़ते हुए विरोध जताकर नई बहस को जन्म दे दिया है। दूसरी ओर, कुछ उलेमा इसे शिक्षा का हिस्सा बताकर विरोध को बेतुका मुद्दा बता रहे हैं। दारुल उलूम अशरफिया के प्रबंधक ने भी बुर्का पहनकर रैंप चलना शिक्षा का ही हिस्सा माना है। उनका कहना है कि इसमें हलाल-हराम या जायज-नाजायज का कोई मसला नहीं है। मुस्लिम छात्राएं एवं कॉलेज प्रबंधन भी इसे क्रिएटिविटी एवं शिक्षा का एक हिस्सा बता रही है। 

रैंप पर बुर्का पहनकर कैटवॉक करती छात्राओं के मामले में जमियत उलेमा के जिला संयोजक मौलाना मुकर्रम कासमी द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद मंगलवार को हिन्दुस्तान टीम श्रीराम कॉलेज पहुंची तो सबकुछ सामान्य था। बीएफए की एक छात्रा ही कॉलेज में आई थी। पता करने पर डायरेक्टर मनोज धीमान एवं मीडिया प्रभारी रवि गौतम ने बताया कि तीन दिनों के कार्यक्रम के बाद बीएफए में आज अवकाश रखा गया है।

मीडिया के सवालों का जवाब देने के लिए छात्रा चांदनी को बुलाया गया है। वह बिहार की रहने वाली है और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही है। कुछ अन्य डिपार्टमेंट की मुस्लिम छात्राएं भी वहां मिलीं। इन सभी से बात की गई, सभी ने बेबाक रूप से इसे छात्राओं की क्रिएटिविटी एवं शिक्षा का हिस्सा बताया। 

दारुल उलूम अशरफिया देवबंद के प्रबंधक मुफ्ती सालिन अशरफ कासमी ने कहा कि फैशन शो में बुर्का पहनकर रैंप पर चलना और वहां फैशन शो में दिखाना यह उसका तिजारती मसला है। इसमें हलाल-हराम और जायज-नाजायज से कोई मसला नहीं है। वो लड़की खुद कह रही कि मैं हिन्दुस्तान की टॉप फैशन डिजाइनर बनता चाहती हूं। वह चाहती है कि अबाया बुर्कें के एक से एक डिजाइन मार्केट में लाए। छात्रा का मकसद यहीं है। उसका मतलब हिजाब नहीं है। हिजाब का मतलब है हया। अपनी पाक दामनी को महफूज करना। इसलिए छात्रा का मकसद तिजारत है। इस पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगा सकते। 

शहर मुफ्ती एवं प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय इमाम संगठन मुफ्ती जुल्फिकार ने कहा कि कॉलेज में धर्म अथवा महजब को देखकर नहीं पढ़ाया जाता है। वहां सभी एक समान है। शालीनता से जो शो किया गया वह शिक्षा का ही एक हिस्सा है। छात्राएं फैशन डिजाइन का कोर्स कर रही हैं। इसलिए उन्हें सभी तरह के कपड़ों के डिजाइन सिखाए जाते हैं। इसलिए किसी प्रकार का विरोध एवं मुद्दा बनाना बेतुकी है।

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