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बनारस में मां की लाश के साथ रहती मिलीं दो बेटियां, साल भर पहले हो चुकी थी मौत

बनारस में एक बार फिर सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां दो बेटियां अपनी मां की लाश के साथ रहती मिली हैं। मां की मौत करीब साल भर पहले हो चुकी थी। इससे शव कंकाल बन चुका था। घटना से आसपास के लोग चौंक गए।

बनारस में मां की लाश के साथ रहती मिलीं दो बेटियां, साल भर पहले हो चुकी थी मौत
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,वाराणसीौThu, 30 Nov 2023 12:10 AM
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वाराणसी में लंका थानाक्षेत्र के मदरवां (सामने घाट) में दो बेटियां अपनी मां के शव के साथ रहती मिलीं। मां की लगभग एक साल पहले बीमार से मौत हो गई थी। इससे शरीर कंकाल बन चुका था। मां के निधन की जानकारी दोनों बेटियों ने न तो अपने नाना समेत किसी रिश्तेदार को दी और न ही पास-पड़ोस को जानकारी दी। एक बेटी एमकॉम पास है तो दूसरी ने हाईस्कूल तक पढ़ाई की है। बुधवार को पहुंचे उनके मौसा-मौसी ने पुलिस को सूचना दी तो इस लोमहर्षक वाकये का खुलासा हुआ। 

पुलिस तीन कमरों के मकान का मुख्य दरवाजा तोड़वा कर अंदर घुसी। अंदर एक कमरे में रजाई से ढंकी कंकाल बन चुकी लाश पड़ी दिखी। दोनों बहनें दूसरे कमरे में निश्चिंत भाव से बैठी थीं। कंकाल बन चुकी लाश से रह-रह कर उठती सड़ांध से असहज पुलिस और मौसी-मौसा दोनों युवतियों का हावभाव देख हत्प्रभ हो गए। पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया है। दोनों बहनों को मानसिक रूप से बीमार मानते हुए पुलिस ने उन्हें उनके मौसा को सुपुर्द कर दिया। 

बेल्थरारोड (बलिया) के फूलपुर गांव निवासी रामकृष्ण पांडेय का मदरवां में गंगा किनारे 22 साल पुराना मकान है। रामकृष्ण की तीन बेटियों में बड़ी उषा का विवाह बेल्थरारोड क्षेत्र के ही अकोफ निवासी देवेश्वर त्रिपाठी से हुआ था। छह साल पहले देवेश्वर ने उषा से संबंध तोड़ लिया। उस मकान में उषा अपनी दो बेटियों-पल्लवी (27) और वैश्विक त्रिपाठी (18) को लेकर पिता रामकृष्ण के साथ रहने लगी थी। वह कास्मेटिक की दुकान चलाकर खर्च चलाती थी।

रामकृष्ण दो साल से अपनी अन्य दोनों बेटियों के यहां रहने लगे। बीते साल आठ दिसंबर को बीमारी के चलते उषा देवी का निधन हो गया मगर दोनों बेटियों ने मां के निधन की खबर न तो नाना और न ही रिश्तेदारों को दी। वे बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलती थीं। 

मौसा को हुआ शक 
तीन माह से पल्लवी के मौसा मिर्जापुर में बहुवर-जमालपुर निवासी धर्मेंद्र चतुर्वेदी मदरवां आ रहे थे लेकिन दोनों बहनें दरवाजा नहीं खोलती थीं। पुलिस बुलाने की बात कह डरा-धमका देती थीं। बुधवार को धर्मेंद्र की पत्नी भी साथ आईं। इस बार दरवाजा न खुलने पर धर्मेंद्र को शक हुआ और उन्होंने डायल 112 पर सूचना दी।

तब लंका पुलिस पहुंची। पुलिस ने वीडियोग्राफी कराते हुए दरवाजा तोड़वाया। फिर भीतर का नजारा देख सभी दंग रह गए। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर छानबीन की। डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम ने बताया कि शव के अवशेष को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दोनों युवतियों को उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है।

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