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इलाज गोरखपुर के रेलवे अस्पताल में, सीटी स्कैन कराने जाना होगा लखनऊ

रेलवे बोर्ड के एक अजब-गजब फरमान ने सभी सकते में डाल दिया है। गोरखपुर स्थित ललित नारायण मिश्र रेलवे अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीज को अगर सीटी स्कैन की जरूरत पड़ी तो उसे इसके लिए लखनऊ के रेलवे...

इलाज गोरखपुर के रेलवे अस्पताल में, सीटी स्कैन कराने जाना होगा लखनऊ
आशीष श्रीवास्‍तव ,गोरखपुर Fri, 15 Jan 2021 04:28 PM
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रेलवे बोर्ड के एक अजब-गजब फरमान ने सभी सकते में डाल दिया है। गोरखपुर स्थित ललित नारायण मिश्र रेलवे अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीज को अगर सीटी स्कैन की जरूरत पड़ी तो उसे इसके लिए लखनऊ के रेलवे अस्पताल जाना होगा। जी हां यह जानक हैरानी तो होगी लेकिन यह सच है। अगर चिकित्सक ने मरीज को सीटी स्कैन कराने की सलाह दी तो उसे उत्तर रेलवे के मण्डलीय रेलवे अस्पताल में ही जाना होगा। हां अपरिहार्य स्थिति में चिकित्सक की सलाह पर कहीं और सीटी स्कैन कराया जा सकता है। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर हेल्थ की छह जनवरी 2021 के पत्र के बाद रेलवे अस्पताल के चिकित्सक हैरान हैं कि यह आदेश अगर प्रभावी हो गया तो रोज विवाद की स्थिति होगी।

उत्तर रेलवे के लखनऊ मण्डल के रेलवे अस्पताल में लगा है नया सीटी स्कैन मशीन रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर हेल्थ आरएस शुक्ला के पत्र के अनुसार उत्तर रेलवे जोन के लखनऊ मण्डल में स्थित रेलवे अस्पताल में हाल ही में नया 128 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन स्थापित किया गया है। में उत्तर प्रदेश में जो रेलवे अस्पताल हैं वहां के मरीजों को अगर सीटी स्कैन कराने की जरूरत पड़ती है तो उन्हें उत्तर रेलवे के लखनऊ मण्डलीय अस्पताल में रेफर किया जाए।

560 किलोमीटर की यात्रा कर मरीजों को कराना होगा सीटी स्कैन
रेलवे बोर्ड का आदेश अगर अमल में आ जाता है तो गोरखपुर रेलवे अस्पताल में अगर किसी मरीज को सीटी स्कैन कराने की जरूरत पड़ी तो उसे 560 किलोमीटर की यात्रा कर सीटी स्कैन कराने की मजबूरी होगी।

रेलवे बोर्ड का यह फरमान कतई स्वीकार नहीं होगा। इस तरह की अफसरशाही नहीं चलने दी जाएगी। कोई रेलकर्मी इलाज कराने गया और अगर डॉक्टर ने सीटी स्कैन के लिए लिख दिया तो उसे तीन दिन तो सीटी स्कैन कराने में ही लग जाएंगे। साथ ही 560 किलोमीटर की यात्रा भी करनी होगी। पीआरकेएस इसे नहीं होने देगा। अगर रेलवे बोर्ड अपने इस फरमान को वापस नहीं लेता तो है तो जोरदार आंदोलन होगा।
विनोद राय, महामंत्री पीआरकेएस

इस तरह का तुगलकी फरमान नहीं चलने देंगे। इस सम्बंध में नरमू ने डीजी हेल्थ रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा है। अगर जल्द ही यह आदेश वापस नहीं होता है तो नरमू आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

बसंत चतुर्वेदी, अध्यक्ष नरमू


रेलवे बोर्ड का यह मनमाना फरमान नहीं चलने देंगे। रेलकर्मी इलाज गोरखपुर में कराए और सीटी स्कैन कराना हो तो दूसरे रेलवे जाए। यह स्वीकार नहीं होगा। पीआरएसएस इसका पुरजोर विरोध करता है। किसी भी कीमत पर इसे लागू नहीं होने देंगे। भले ही इसके लिए बड़ा आंदोलन क्यों न करना पड़े।
बजरंगी दुबे, सहायक महामंत्री पीआरएसएस