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Hindi News उत्तर प्रदेशरायबरेली एम्स में महिला की मौत के बाद भी 2 घंटे तक चलता रहा इलाज, परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ दी तहरीर

रायबरेली एम्स में महिला की मौत के बाद भी 2 घंटे तक चलता रहा इलाज, परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ दी तहरीर

रायबरेली में एक महिला चार घंटे तक एम्स की इमरजेंसी में तड़पती रही लेकिन उसे इलाज नहीं मिल सका। बाद में महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों जब हंगामा किया तो डॉक्टरों ने उसे जिंदा बताकर दो घंटे तक इलाज किया।

रायबरेली एम्स में महिला की मौत के बाद भी 2 घंटे तक चलता रहा इलाज, परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ दी तहरीर
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,रायरबेलीWed, 12 Jun 2024 08:14 PM
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रायबरेली के जिला अस्पताल से रेफर की गई महिला चार घंटे तक एम्स की इमरजेंसी के स्ट्रेचर पर तड़पती रही और उसे इलाज नहीं मिला। बाद में महिला ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिजन हंगामा करने लगे तो डॉक्टरों की टीम ने उसे जिंदा बताकर दो घंटे तक इलाज किया। दो घंटे बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। मृतका के पति ने एम्स के डॉक्टर व कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए भदोखर थाने में तहरीर दी है। एम्स के अधिकारियों की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है।

विकास नगर निकट पुलिस लाइन के रहने वाले अरुण कुमार की 40 वर्षीय पत्नी किरन वर्मा की बुधवार की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। परिजनों ने बताया कि उन्हें माइग्रेन की दिक्कत थी। बुधवार को यह दिक्कत अधिक हो गई। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने महिला को एम्स के लिए रेफर कर दिया। सुबह करीब साढ़े छह बजे परिजन महिला को लेकर एम्स पहुंच गए। एम्स पहुंचने परिजनों ने इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉक्टर और कर्मचारियों से महिला का इलाज करने की मिन्नत करने लगे।

परिजनों ने बताया कि मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि अभी डॉक्टर आएंगे तो उनके मरीज का इलाज किया जाएगा। स्ट्रेचर पर चार घंटे तक महिला तड़पती रही, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आया। इस बीच महिला ने स्ट्रेचर पर ही दम तोड़ दिया। महिला की मौत होने के बाद परिजन हंगामा करने लगे। महिला की मौत और परिजनों के हंगामे के बीच तत्काल डॉक्टरों की टीम पहुंच गई। परिजनों ने बताया कि डॉक्टर ने महिला का चेकअप किया औैर उसे जिंदा बताते हुए अंदर वार्ड में अंदर लेकर चले गए। आरोप है कि एम्स के डॉक्टरों की टीम ने परिजनों को गुमराह करने के लिए उनके मरीज को जिंदा बताते हुए उसका सीटी स्कैन के साथ अन्य जांचें किए जाने की बात भी कही। एम्स के डॉक्टर करीब दो घंटे तक परिजनों को गुमराह करते रहे। दो घंटे बाद डॉक्टरों की टीम ने महिला को मृत घोषित किया औैर शव परिजनों को सौंप दिया।

लापरवाही का आरोप

इसके बाद परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। एम्स के डॉक्टर के साथ कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते रहे। मृतका के पति अरुण वर्मा ने भदोखर थाने में इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉक्टर और कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। भदोखर थाना प्रभारी शिवाकांत पाण्डेय ने बताया कि मृतका के पति की ओर से डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए तहरीर मिली है। मामले की जांच पड़ताल कराई जा रही है। मुकदमा दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।