Took dead body on bike after ambulance not provided by hospital in Chitrakoot - शर्मनाक : चित्रकूट में एंबुलेंस न मिलने पर बाइक से ले गए शव DA Image

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शर्मनाक : चित्रकूट में एंबुलेंस न मिलने पर बाइक से ले गए शव

चित्रकूट में स्वास्थ्य विभाग ने मानवता को शर्मसार कर दिया। आकाशीय बिजली से मरने वाले किशोर का पोस्टमार्टम तो कर दिया पर शव घर ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं दी। गरीब परिवार इधर-उधर भटकता रहा पर कुछ भी नहीं हो सका। पैसे न होने से किराए के वाहन का इंतजाम नहीं हुआ तो बाइक से शव घर ले जाना पड़ा। यह हाल तक है जब मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित जिलों में खुद संबंधित मंत्री को जाकर आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है, पर यहां पीड़ित परिवार को सहायता के नाम पर कुछ भी नसीब नहीं हो सका।

सुरवल गांव के मजरा किशोर का पुरवा में रविवार को आकाशीय बिजली की चपेट में आने से आठ साल के सुशील की मौत हो गई थी। उसके भाई शिवम और पिता राजकरन गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार को राजापुर पुलिस सुशील के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय लाई थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन अंतिम संस्कार के लिए सुशील का शव लेकर गांव जाना चाह रहे थे लेकिन शव वाहन नहीं मिला। उन्होंने काफी दौड़भाग की पर कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। सुशील के दादा पुरुषोत्तम ने बताया कि उनके पास प्राइवेट वाहन के लिए पैसे नहीं थे। प्रशासन की तरफ से वाहन नहीं मिला तो मजबूरी में बाइक पर शव रखकर ले गए। उनके मुताबिक जब फोन किया गया तो बताया कि शव वाहन खराब है। डीएम के मुताबिक सीएमओ से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

मदद की नहीं समझी जरूरत
एक बेटे की मौत और दूसरे बेटे के साथ खुद अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे राजकरन के परिवार को इस स्थिति में भी आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की प्रशासन ने जरूरत नहीं समझी। जब मामले ने तूल पकड़ा तो तहसीलदार राजकुमार सामने आए और कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद परिजनों को चार लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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