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बाबरी विध्वंस की बरसी: अयोध्या में कड़ी सुरक्षा के निर्देश, नहीं घुस पाएंगे बाहरी

Ayodhya controversy

अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस की बरसी पर गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। अयोध्या में बाहरी लोगों के प्रवेश पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इस मौके पर होने वाले परंपरागत आयोजनों के अलावा अन्य किसी आयोजन की अनुमति नहीं होगी।

श्रीरामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद में वर्ष 1992 में हुई विध्वंस की घटना के बाद हर साल 6 दिसंबर को विहिप की ओर से शौर्य दिवस और कुछ मुस्लिम संगठनों की ओर से 'यौमे गम' का आयोजन रस्मी तौर पर किया जाता रहा है। विगत 24 नवंबर को अयोध्या में शिवसेना ने सम्मान समारोह एवं आशीर्वादोत्सव एवं 25 नवंबर को विहिप ने धर्मसभा का आयोजन किया था।

इन दोनों आयोजनों के लिए शासन ने अयोध्या में फुलप्रूफ सुरक्षा के इंतजाम कराए थे। पुलिस, पीएसी, एटीएस कमांडो और आरएएफ के जवानों को तैनात कर दोनों आयोजन निर्विघ्न सम्पन्न कराया गया। गुरुवार को होने वाले रस्मी आयोजनों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और अराजक तत्वों को कोई भी गैर जिम्मेदाराना हरकत न करने देने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी मुख्यालय में आईजी क्राइम एसके भगत ने दावा किया अयोध्या में सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं।

पूर्व के वर्षों के अनुभवों के आधार पर 6 दिसंबर के लिहाज से अयोध्या के संवेदनशील स्थानों को पहले ही चिह्नित कर लिया गया है। रेड जोन में आने वाले अधिग्रहीत परिसर की सुरक्षा और बढा दी गई है। वैसे इस जोन में सामान्य दिनों में भी काफी फोर्स रहती है। जिले के एसएसपी को उनकी मांग के मुताबिक फोर्स उपलब्ध करा दी गई है। छह दिसंबर को आत्मदाह की धमकी देने वाले महंत परमहंस दास को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। इसी तरह एक हिन्दू संगठन के पदाधिकारी कमलेश तिवारी भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 

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  • Web Title:Tight security in Ayodhya due to 1992 dispute anniversary on 6th December