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Hindi News उत्तर प्रदेशबाघ ने बंद कर दिया इस जिले के 32 गांवों का रास्ता, बाईपास से होकर निकल रहे ग्रामीण

बाघ ने बंद कर दिया इस जिले के 32 गांवों का रास्ता, बाईपास से होकर निकल रहे ग्रामीण

लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी वन क्षेत्र में इन दिनों बाघ से दहशत फैली है। महेशपुर बीट के गांव रेहरिया में बाघ अचानक सड़क के किनारे खेतों में आ गया। यहां एक दिन पहले बाघ ने युवक को घायल कर दिया था।

बाघ ने बंद कर दिया इस जिले के 32 गांवों का रास्ता, बाईपास से होकर निकल रहे ग्रामीण
Dinesh Rathourहिन्दुस्तान,लखीमपुर खीरी। महेशपुरWed, 19 Jun 2024 06:38 PM
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लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी वन क्षेत्र में इन दिनों बाघ से दहशत फैली है। महेशपुर बीट के गांव रेहरिया में बाघ अचानक सड़क के किनारे खेतों में आ गया। यहां एक दिन पहले बाघ ने युवक को घायल कर दिया था। हालात यह हो गये कि मौके पर पहुंची वन टीम ने रेहरिया-मझगवां मुख्य मार्ग बंद करवा दिया। जिसके कारण करीब 32 गांवों, मजरे के लोगों को रास्ता बदल कर जाना पड़ रहा है। वन विभाग का कहना है कि बाघ सड़क किनारे खेतों में है। इसलिए पैदल, साइकिल, बाइक सवारों को दिन में भी इस ओर से जाने की छूट नहीं है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे रेहरिया निवासी पवन सिंह गन्ने के खेत में खाद डलवा रहे थे कि अचानक बाघ ने उन पर हमला करके घायल कर दिया था।

सूचना पर रेंजर नरेश पाल सिंह अपनी वन टीम को साथ लेकर मौके पर पहुंच गये थे। रेहरिया-मंझगवा मुख्य मार्ग पर बाघ होने की दहशत ऐसी फैली कि वन टीम को यह मुख्य मार्ग बन्द करना पड़ा। इस मार्ग को मंगलवार की दोपहर से बंद करना पड़ा। राहगीरों को गोला मोहम्मदी जाने के लिये सरदारों के झाले से कच्ची रास्ता और खड़ंजों से गोला-मोहम्मदी मुख्य मार्ग तक जाना पड़ा। रेहरिया मार्ग पर बाघ होने का एक वीडियो भी बहुत तेजी से वायरल हुआ था।

रेहरिया मंझगवा मार्ग पर तमाम किसानों के खेत हैं, अब वे भी फंस गए हैं। दिन में केवल कार वाले और ट्रैक्टर वाले ही इस मार्ग से निकल रहे हैं। साइकिल सवार और बाइक सवार इस मार्ग से नहीं निकल रहे है। गांव वालों का कहना है कि बाघ खेतों में घूम रहे है, जिसके कारण फसलें चौपट होने के कगार पर है। ग्रामीणों का कहना है कि यही समय गन्ने की फसल में सिंचाई और खाद डालने का होता है। इसके अलावा धान की पौध लगाने का भी समय यही है। रेंजर नरेश पाल सिंह ने बताया कि बाघ जंगल की ओर चला गया है। फिर भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की जाती है। जल्द ही बाघ की गतिविधि के आधार पर रास्ता खोलने का निर्णय लिया जाएगा।

इन गांवों के लोगों पर असर

रेहरिया, छेड़ीपुर, पोखनापुर, हिम्मतपुर, शंकरपुर, बरखेड़ा, पलनापुर, रामपुर, मूड़ा गालिब, पिपरिया कप्तान, मंझगवा, बंजरिया, बेला पहाड़ा सहित दर्जनों गांव के लोगों को रास्ता बदल कर जाना पड़ा।