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26 जनवरी, 2020|11:19|IST

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फैसलाः नकद टोल देने वालों को दोनों तरफ से कटानी होगी पर्ची, सिर्फ फास्टैग वालों को ही छूट

टोल प्लाजा पर कैश पर्ची कटाकर सफर करने वालों की मुसीबत और बढ़ने वाली है। उनकी जेब अब और ढीली होगी। एनएचएआई ने गुरुवार से कैश पर्ची लेने वालों की सुविधा में कटौती की है। अब उन्हें रिटर्न जर्नी का टिकट नहीं मिलेगा। ऐसे में उन्हें दोहरा टोल टैक्स चुकाना पड़ेगा। सिर्फ फास्टैग के वाहन स्वामियों को इस सुविधा का लाभ दिया जाएगा। 
एनएचएआई ने टोल प्लाजा पर फास्टैग की व्यवस्था 16 दिसंबर 2019 से लागू की थी। सभी वाहनों को फास्टैग करने के लिए मुहिम चलाई गई। काफी मशक्कत के बाद नवाबगंज टोल प्लाजा पर 25 फीसदी वाहन भी फास्टैग नहीं हुए। एक महीने के लिए एनएचएआई की ओर से मोहलत दी गई थी। लखनऊ और कानपुर जाने के लिए दो-दो कैश लेन खोला गया था। 15 जनवरी से एक-एक कैश लेन कर दिया गया। इससे वाहनों की लंबी कतारें लगने लगीं। एनएचएआई ने अब फास्टैग को बढ़ावा देने के लिए सभी वाहन चालकों को रिटर्न पर्ची देने की व्यवस्था को बंद कर दिया है। 
अभी तक रिटर्न पर्ची लेकर लोग 24 घंटे के अंदर लौट आते थे, तो उनको टोल नहीं भरना पड़ता था। एनएचएआई ने अपने फाइनेंस सदस्य आशीष शर्मा के हवाले से सभी टोल प्लाजा को पत्र जारी करके निर्देश दिया है कि अब रिटर्न पर्ची की व्यवस्था बंद कर दी जाए। ऐसे में अगर कोई 24 घंटे के अंदर लौटता है तो भी उसे टोल पर पर्ची कटानी पड़ेगी। 
फास्टैग वालों को मिलती रहेगी सुविधा
जो वाहन फास्टैग युक्त हैं वह 24 घंटे के अंदर लौटते हैं तो रिटर्न जर्नी का घटाकर बाकी रुपया अपने आप खाते से कट जाएगा। इस संबंध में लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित नवाबगंज टोल प्लाजा की देखरेख करने वाली कंपनी पीएनसी के जीएम डी रवि चतुर्वेदी ने बताया कि एनएचएआई का नया निमय लागू कर दिया गया है। कैश पर्ची कटाने वालों को रिटर्न जर्नी का टिकट नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि फास्टैग को बढ़ावा देने के लिए एनएचएआई ने यह व्यवस्था की है। 

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  • Web Title:Those who pay cash tolls will have to cut the slips on both sides