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Hindi News उत्तर प्रदेशयूपी के इस पूर्व मंत्री और बेटे को धोखाधड़ी गैंग में किया गया चिह्नित, सरकारी फाइलों में मिला ये नाम 

यूपी के इस पूर्व मंत्री और बेटे को धोखाधड़ी गैंग में किया गया चिह्नित, सरकारी फाइलों में मिला ये नाम 

SCRB ने 4 जून को मुख्य आरोपित फाहद याजदानी, शाहिद मंजूर, नवाजिश और दो अन्य सदस्यों के गिरोह को राज्य स्तर पर धोखाधड़ी गैंग के रूप में चिह्नित किया है। इस गैंग को अब आईएस-123/2024 नाम से पहचाना जाएगा।

यूपी के इस पूर्व मंत्री और बेटे को धोखाधड़ी गैंग में किया गया चिह्नित, सरकारी फाइलों में मिला ये नाम 
Ajay Singhविधि सिंह ,लखनऊSun, 09 Jun 2024 09:49 AM
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Former minister and son: लखनऊ के चर्चित अलाया अपार्टमेंट हादसे में आरोपित बनाए गए पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर, उनके बेटे नवाजिश शाहिद मंजूर और फाहद याजदानी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) ने चार जून को मुख्य आरोपित फाहद याजदानी, शाहिद मंजूर, नवाजिश और दो अन्य सदस्यों के गिरोह को राज्य स्तर पर धोखाधड़ी गैंग के रूप में चिह्नित किया है। इस गैंग को अब सरकारी आंकड़ों में आईएस-123/2024 नाम से पहचाना जाएगा। जेसीपी क्राइम ने इस गिरोह को राज्य स्तर पर सूचीबद्ध करने के लिए पत्र लिखा था।

एससीआरबी में लम्बे समय बाद प्रदेश स्तर पर जालसाजी कर अरबों की धोखाधड़ी करने वाला कोई गिरोह चिह्नित किया गया है। एससीआरबी के एसपी के पत्र के मुताबिक 10 मई को जेसीपी ने गैंग लीडर डालीबाग में पेंट हाउस-अलाया होम्स अपार्टमेंट निवासी फाहद याजदानी और उनके गिरोह के सदस्य पुराना भोपाल हाउस निवासी सायम याजदानी, गैलेक्सी अपार्टमेंट निवासी शराफत अली, मेरठ निवासी मो. तारिक, देहली गेट-मेरठ निवासी नवाजिश, पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर को संगठित गिरोह बनाकर शहर में फ्लैट दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी में लिप्त बताया था। इस गिरोह के सदस्यों के क्रियाकलापों पर सूक्ष्य एवं पैनी नजर रखने की जरूरत है। लिहाजा इस गैंग को अंतरराज्यीय (आईएस) स्तर पर धोखाधड़ी गैंग के रूप में चिह्नित करने की संस्तुति की गई थी। इस पर एससीआरबी ने इस गिरोह को सूची बद्ध किया।

पिछले साल जनवरी में हुआ था हादसा

पिछले साल 25 जनवरी को हजरतगंज के डालीबाग में अलाया अपार्टमेंट पूरी तरह से धंस गया था जिसके मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में सपा प्रवक्ता हैदर अब्बास की पत्नी उजमा, उनकी मां बेगम हैदर और शिक्षिका शबाना खातून थीं। इस हादसे और धोखाधड़ी के कई मामलों में आरोपित बिल्डर फाहद याजदानी को बचाने की कोशिश भी हुई थी पर तूल पकड़ने पर पुलिस उसकी तलाश में लग गई थी। फाहद को नैनीताल से दूसरे मामले में गिरफ्तार किया गया था क्योंकि अलाया हादसे के मामले उसकी गिरफ्तारी पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी। तब उस पर 25 हजार रुपए इनाम था।

पुलिस ने दाखिल की थी चार्जशीट

हजरतगंज पुलिस ने इसी साल 10 मार्च को फाहद याजदानी, तारिक, सायाम याजदानी, शाहिद मंजूर, उनके बेटे नवाजिश के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इसमें यह भी आरोप लगाया गया था कि अलाया अपार्टमेंट को दो अगस्त, 2010 को गिराने का आदेश हुआ था। यहां रहने वालों से अपार्टमेंट खाली करने का आदेश एलडीए को दिया गया था। एलडीए हरकत में आता, इससे पहले हादसा हो गया।

और कड़ी कार्रवाई होगी अब

अंतरराज्यीय स्तर पर गिरोह चिह्नित होने के बाद पुलिस आरोपितों व सरगना की सम्पत्ति का ब्योरा पता करती है। उस पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई होते ही सम्पत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। इसके अलावा भी आरोपितों पर और ज्यादा सख्त कार्रवाई की जा सकती है। जेसीपी कानून-व्यवस्था उपेन्द्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस गिरोह ने अरबों रुपए की धोखाधड़ी की है। एंटी भू-माफिया सेल में भी इनके खिलाफ कई शिकायतें आई थीं। इन सबको देखते हुए ही एससीआरबी के एसपी ने गिरोह को अंतरराज्यीय स्तर पर चिह्नित किया है।

फैक्ट फाइल
हादसा-25 जनवरी, 2023
मौत-तीन
गिरफ्तारी-पांच आरोपितों की
चार्जशीट-10 मार्च, 2024