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लोकसभा चुनाव: इस वजह से यूपी में गठबंधन की कमान दिखी मायावती के हाथ!

सपा-बसपा गठबंधन का प्रारूप तय करने से लेकर इसका ऐलान किए जाने तक की पूरी कमान एक तरह से देखा जाए तो मायावती के हाथ में दिखी। इसके ऐलान की बात हो या फिर कहें कि भाजपा-कांग्रेस को कोसने की...तो यह जिम्मेदारी ही मायावती ने निभाई। संयुक्त कांफ्रेंस में मायावती जहां 24 मिनट बोली, वहीं अखिलेश ने सिर्फ चुनिंद शब्दों में मात्र आठ मिनट में ही अपनी बात पूरी की।

मायावती के लखनऊ आने के बाद से ही गठबंधन पर स्थिति साफ किए जाने की चर्चाएं तेज हो गईं थीं। लखनऊ के एक पंच सितारा होटल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को कवरेज करने के लिए देश की पूरी मीडिया इक्कठा थी। इंतजार था तो 12 बजने का..., घड़ी की सूई जैसे ही 12 पर पहुंची वैसे ही हाल में हलचल तेज हुई कि मायावती आ गई हैं। अब सभी देखना चाहते थे कि मायावती और अखिलेश साथ-साथ आए हैं या नहीं...। दोनों ने साथ ही हाल में प्रवेश किया और हाथ उठाकर पत्रकारों का अभिवादन किया।

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मायावती ने अपनी चिरपरिचित शैली में डॉयस पर बैठते ही माइक संभला और मीडिया को संबोधित करने लगी। अंत में यह बताया कि कौन कितनी सीटों पर लड़ेगी। उनका संबोधन खत्म होने के बाद अखिलेश ने माइक संभाला। वह भाजपा पर आक्रामक नजर आए, लेकिन कांग्रेस पर कोई तीखी टिप्पणी नहीं की। उन्होंने संदेश दिया कि अब सपा-बसपा एक हैं। 

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  • Web Title:these points proving that alliance between sp and bsp in Uttar Pradesh is in the hands of Mayawati