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यूपी पंचायत चुनाव को लेकर डीएम और सीडीओ को दिए गए ये निर्देश, जानें कहां तक पहुंची इलेक्शन की तैयारी

प्रदेश में होने जा रहे त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग में तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। इन चुनावों के लिए मतदान केन्द्र अधिकांशत:...

यूपी पंचायत चुनाव को लेकर डीएम और सीडीओ को दिए गए ये निर्देश, जानें कहां तक पहुंची इलेक्शन की तैयारी
Deep Pandeyहिन्दुस्तान टीम,लखनऊMon, 11 Jan 2021 08:37 AM
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प्रदेश में होने जा रहे त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग में तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। इन चुनावों के लिए मतदान केन्द्र अधिकांशत: गांवों के सरकारी प्राइमरी स्कूल ही बनाए जाते हैं। आयोग की तरफ से सभी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि इन प्राइमरी स्कूलों में बिजली, पानी व आवश्यक फर्नीचर आदि की उपलब्धता परख ली जाए और जहां कहीं भी कोई कमी हो उसे समय रहते दूर कर लिया जाए।

जिन प्राइमरी स्कूलों में बिजली कनेक्शन नहीं हों, वहां मतदान के दौरान बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चत करवाई जाए। पंचायत चुनाव के लिए आयोग की तरफ से कुल 85 हजार मतदान केन्द्र और दो लाख दो हजार पोलिंग बूथ तय किये गये हैं। एक पोलिंग बूथ पर कुल पांच मतदान कार्मिक लगाए जाएंगे, जिनमें एक पीठासीन अधिकारी, दो मतदान अधिकारी और दो चपरासी होंगे। यह सभी सरकारी कार्मिक ही होंगे। आयोग में जिलेवार इन कार्मिकों की ड्यूटी तय करने का ब्यौरा अंतिम दौर में है। दो चपरासी मतपेटियों को सम्भालने, मतदाताओं को मतपत्रों को ठप्पा लगाने के बाद मोड़ने और मतपेटी में डालने में मदद करते हैं। 

एक चरण में ढाई लाख कर्मचारी करेंगे ड्यूटी

अगर चार चरणों में मतदान हुआ तो आयोग के आंकलन के अनुसार एक चरण में ढाई लाख कार्मिक चुनाव ड्यूटी करेंगे। पहले चरण के बाद यही ढाई लाख कार्मिक तीसरे चरण में ड्यूटी करेंगे और दूसरे व चौथे चरण में अन्य ढाई लाख कार्मिक लगाए जाएंगे। इस तरह से चार चरणों के मतदान में कुल पांच लाख सरकारी कार्मिक लगेंगे। आयोग का आंकलन है कि अगर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप एक ही चरण में मतदान करवाया गया तो करीब 10 लाख कार्मिकों की जरूरत पड़ेगी।

प्रदेश में कुल 12.50 लाख सरकारी वेतन भोगी कार्मिक हैं, जिनमें से स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं में लगे सरकारी कार्मिक पंचायत चुनाव में नहीं लगाए जा सकेंगे, इसलिए एक चरण में चुनाव करवाने में काफी दिक्कतें पेश आ सकती हैं। फिलहाल इस पूरे ब्यौरे के साथ राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवा दिया है। अब प्रदेश सरकार को इस बारे में फैसला लेना है।
 

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