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मरीज माफिया पर होगा इनाम, सरकारी से निजी अस्‍पतालों तक फैला रखा है जाल

Action on patient mafia: बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर में भर्ती होने आए मरीज को बरगला कर शहर के अवैध हास्पिटल में भर्ती कराने वाले गिरोह के सरगना मनोज निगम पर इनाम घोषित करने की तैयारी है।

मरीज माफिया पर होगा इनाम, सरकारी से निजी अस्‍पतालों तक फैला रखा है जाल
Ajay Singhवरिष्ठ संवाददाता,गोरखपुरTue, 27 Feb 2024 06:40 AM
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Action on patient mafia: बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर में भर्ती होने आए मरीज को बरगला कर शहर के अवैध हास्पिटल में भर्ती कराने वाले गिरोह के सरगना मनोज निगम पर अब इनाम घोषित करने की तैयारी है। एनबीडब्ल्यू मिलते ही मनोज पर पुलिस इनाम घोषित कर सकती है। मनोज निगम का पिछले दिनों दर्ज हुए दो मामलों में नाम आया था।

पता चला था कि ईशु हास्पिटल हो या फिर यूनिवर्सल हास्पिटल उसमें मनोज निगम गिरोह ही मरीजों की सप्लाई करता था। यही नहीं उसके नेटवर्क में शहर के एक दर्जन से ज्यादा हास्पिटल हैं जहां बीआरडी के मरीजों को भर्ती कर वसूली की जाती थी। दो हास्पिटल पर कार्रवाई के बाद बाकी हास्पिटल के संचालक सतर्क हो गए हैं। हालांकि मनोज की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में इन अस्पतालों का नाम भी सामने आ सकता है।

बिहार-नेपाल व आस-पास के जिले से बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती होने आने वाले मरीजों को बरगलाकर निजी हास्पिटल में भर्ती कराने और वसूली करने के मामले में रामगढ़ताल और चिलुआताल पुलिस ने पिछले दिनों अपने इलाके दो हास्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की थी। रामगढ़ताल इलाके के ईशु अस्पताल का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मरीज-एंबुलेंस माफिया गिरोह में शामिल सात लोगों को यहां से जेल भेजा था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज रोड पर झुंगिया के पास स्थित यूनिवर्सल हास्पिटल में मरीज को भर्ती कराने के मामले में 15 पर केस दर्ज हुआ और यहां से भी सात लोगों को पुलिस ने जेल भेजवा दिया।

दोनों मामलों में गिरोह के कुछ सदस्य जहां कामन पाए गए, वहीं मरीज माफिया गिरोह के संचालक के रूप में मनोज निगम का ही नाम सामने आया। दोनों मामलों में आरोपितों से पूछताछ में पैसे के बंटवारे का खेल सामने आया था। ईशु हास्पिटल के प्रकरण में आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल तुफानी राम और कांस्टेबल पवन गुप्ता के पास यह जानकारी थी मरीज को यहां से गुमराह कर ले जाया जा रहा है लेकिन आंख मूंदने के बदले उन्हें पैसा मिला था।

पता चला है कि ये दोनों भी गिरोह के मददगार थे। हालांकि, इनका मरीज उठाने में सीधा संबंध नहीं था पर उन्हें पूरे प्रकरण की जानकारी रहती थी। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई की रिपोर्ट पर पुलिसवालों को रविवार को एसएसपी ने दोनों को निलंबित कर दिया था।

उधर, मुख्य आरोपित मनोज निगम और उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है। रामगढ़ताल पुलिस ने ईशु हास्पिटल के केस में मनोज निगम व अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट के लिए आवेदन किया है। कोर्ट से वारंट मिलते ही इस मामले में पुलिस ने इनाम घोषित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

क्‍या बोली पुलिस 
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि दो हास्पिटल के खिलाफ कार्रवाई के बाद मरीज माफिया गिरोह के सरगना के रूप में मनोज निगम का नाम सामने आया है। उसके समेत अन्य फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है। कोर्ट से एनबीडब्ल्यू लेकर जल्द ही उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम भी घोषित किया जाएगा।

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