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यूपी की ब्यूरोक्रेसी में इस महीने हो सकता है बड़ा उलटफेर, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा विभाग में होगी नियमित तैनाती

लोकसभा चुनाव हो चुका है और सरकारी कामकाज में अब तेजी आने वाली है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद यह माना जा रहा है कि यूपी की ब्यूरोक्रेसी में बड़ा उलटफेर हो सकता है।

यूपी की ब्यूरोक्रेसी में इस महीने हो सकता है बड़ा उलटफेर, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा विभाग में होगी नियमित तैनाती
Dinesh Rathourविशेष संवाददाता,लखनऊSun, 09 Jun 2024 11:30 PM
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लोकसभा चुनाव हो चुका है और सरकारी कामकाज में अब तेजी आने वाली है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद यह माना जा रहा है कि यूपी की ब्यूरोक्रेसी में बड़ा उलटफेर हो सकता है। दुर्गा शंकर मिश्र का मुख्य सचिव के पद पर तैनाती का कार्यकाल 30 जून को पूरा हो रहा है। केंद्र सरकार ने उनका कार्यकाल न बढ़ाया तो इस पद पर नए अफसर की तैनाती होगी। इसके अलावा मई में दो आईएएस अफसरों के सेवानिवृत्त होने के बाद से ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग खाली है। इन दोनों पदों पर अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है।

मुख्य सचिव के लिए दो नाम

मुख्य सचिव के पद पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की दावेदारी होती है। मौजूदा समय वर्ष 1987 के दो और वर्ष 1988 बैच के तीन आईएएस अधिकारी हैं। वर्ष 1987 बैच की आईएएस लीना नंदन मौजूदा समय केंद्र में सचिव उपभोक्ता, खाद्य और सार्वजनिक वितरण के पद पर हैं तैनात हैं। वह इसी साल दिसंबर में सेवानिवृत्त हो रही हैं। इसी बैच के अरुण सिंघल भी केंद्र में सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग में तैनात हैं। वह अप्रैल 2025 में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वर्ष 1988 बैच के डा. रजनीश दुबे राजस्व परिषद के अध्यक्ष हैं। वह इसी साल 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसी बैच की एस. राधा चौहान केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग में तैनात हैं और वह इसी महीने 30 जून को सेवानिवृत्त हो जाएंगी। इसी बैच के मनोज कुमार सिंह मौजूदा समय कृषि उत्पादन आयुक्त व औद्योगिक विकास आयुक्त के पद पर तैनात हैं। वह अगले सरकार सेवानिवृत्त होंगे। इसलिए मुख्य सचिव पद के लिए मनोज कुमार सिंह व अरुण सिंघल की दावेदारी मानी जा रही है। मनोज कुमार सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी अफसर माने जाते हैं। 

कई विभागों के बदलेंगे मुखिया
महेश कुमार गुप्ता और अनीता सिंह दोनों वरिष्ठ आईएएस अफसर मई में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। आचार संहिता होने के चलते ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग व आयुक्त एफएसडीए का अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है। इसलिए इन दोनों विभागों में स्थाई तैनाती होगी। इसके अलावा अन्य कई विभागों के मुखिया का कार्य ठीक न होने पर उनके दायित्वों में भी बदलाव की चर्चा शुरू हो गई है।

केंद्र में जाने की तैयारी
अपर मुख्य सचिव कार्मिक एवं नियुक्ति व कृषि डा. देवेश चतुर्वेदी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए एनओसी देने के लिए मुख्यमंत्री के पास प्रस्ताव भेजा गया है। एनओसी मिलने के बाद उनके दिल्ली जाने का रास्ता साफ होगा। अगर वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए तो दो महत्वपूर्ण विभाग खाली हो जाएंगे। इसी तरह मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल का नाम भी केंद्र में इम्पैनलमेंट हुआ है। वह भी अगर केंद्र जाना चाहेंगे तो इस पद पर भी तैनाती की जाएगी।