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दहाड़ी, कूदी, जंगल में चली गई बाघिन शर्मीली

हिन्दुस्तान टीम,बरेलीPublished By: Deep Pandey
Sat, 19 Jun 2021 01:39 PM
दहाड़ी, कूदी, जंगल में चली गई बाघिन शर्मीली

बरेली में रबड़ फैक्ट्री के जंगल में सवा साल राज करने वाली बाघिन शर्मीली अब फिर से अपनी जन्मस्थली दुधवा पहुंच गई है। शुक्रवार की रात बरेली के विशेषज्ञों की टीम ने उसे किशनपुर सेंच्युरी में आजादी दी। जैसे ही पिंजड़ा खोला गया। बाघिन ने इधर-उधर देखा दहाडी और जंगल में भाग गई। आइए देखते है, वीडियो। 
16 मार्च 2020 से बाघिन पकड़ने को रबर फैक्ट्री में वन विभाग की टीमें लगी हुई थीं। शातिर बाघिन इंसानों की चहल कदमी मिलते ही भूमिगत हो जाती थी।

पांच बार वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया, वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून, कानपुर जू, टाइगर रिज़र्व, दुधवा नेशनल पार्क आदि जगह से टीमों ने रेस्क्यू किया। बाघिन हाथ नहीं आई। विशेषज्ञ उसका ठिकाना ही पता नहीं लगा। जब बाघिन ने हेमराजपुर में दो किसानों पर हमला लिया। इसके बाद 27 मई 2021 में बाघिन पकड़ने के लिए विशेष टीम बुलाई गई। टीम के विशेषज्ञ डॉक्टर सुशांत और डॉक्टर दक्ष गंगवार के नेतृत्व में बाघिन के एक-एक ठिकाने को फैक्ट्री में खंगाला गया। 17 मई की सुबह 5:00 बजे बाघिन को उसके पसंदीदा ठिकाने में ही टैंक में कैद कर लिया गया था। अट्ठारह मई की सुबह उसे ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में बंद कर लिया गया।

शुक्रवार की रात में पीलीभीत और बरेली से कई वन अधिकारियों की टीम बाघिन शर्मीली को लेकर दुधवा पहुंची। वहां बड़ी होशियारी के साथ बाघिन को पिंजरे से मुक्त किया गया। जब बाघिन को छोड़ा गया तो पिंजरे की ओर दो गाड़ियां लाइट जला कर खड़ी की गईं। इसके बाद पिंजड़े के गेट को रस्सी बांधकर ऊपर को खींचा गया। पिंजड़ा खोलते ही बाघिन ने इधर-उधर देखा। तेज से दहाड़ी और छलांग मारकर जंगल की ओर भाग गई।

डीएफओ ने टीम को दी बधाई

डीएफओ भारत लाल का कहना है, बाघिन को किशनपुर सेंच्युरी दुधवा में छोड़ा गया है। शुक्रवार की रात विशेषज्ञों की टीम ने बाघिन को मुक्त कर दिया। रेस्क्यू के सभी सदस्यों को बधाई।

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