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Hindustan Special: 800 साल पहले पाताल से निकला था शिवलिंग, दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं श्रद्धालु

बुलंदशहर जिले के खुर्जा में एक स्थान ऐसा है जहां पाताल से 800 साल पहले शिवलिंग निकला था। इस मंदिर की काफी मान्यता होने के कारण लोग दूर-दूर से शिवलिंग के दर्शन करने आते हैं और मनोकामना मांगते हैं।

Hindustan Special: 800 साल पहले पाताल से निकला था शिवलिंग, दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं श्रद्धालु
Pawan Kumar Sharmaरविकांत भारद्वाज,बुलंदशहरMon, 12 Feb 2024 09:38 PM
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उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा में एक स्थान ऐसा है जहां पाताल से 800 साल पहले शिवलिंग निकला था। इस मंदिर की काफी मान्यता होने के कारण लोग दूर-दूर से शिवलिंग के दर्शन करने आते हैं और मनोकामना मांगते हैं।  खुर्जा क्षेत्र में बने सिद्धेश्वर मंदिर की पुरानी कहानी है। बताया जाता है कि करीब 800 वर्ष पूर्व गिरि परिवार के पूर्वज खेती करते थे। हल चलाने के दौरान अवरोध उत्पन्न हुआ। जिसके बाद दूध की धारा निकलने लगी। हल हटाकर देखा गया, तो यहां पर शिवलिंग था।

कुछ ही देर में पाताल से शिवलिंग निकलने की क्षेत्र को जानकारी होने लगी, लोगों ने श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक कर मनोकामना मांगनी शुरू कर दी। जिनकी मनोकामना पूर्ण होती गई। देखते ही देखते मंदिर का नाम सिद्धेश्वर रख दिया गया। बस फिर क्या था, कुछ ही दिनों में दूर-दूर तक सिद्धेश्वर मंदिर की विख्याती हो गई। लोगों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड आदि स्थानों से यहां आना शुरू कर दिया। आज भी गिरि परिवार के सदस्य मंदिर में देखरेख कर रहे हैं।

मंदिर की देखरेखकर्ता व पुजारी विनोद गिरि बताते हैं कि उनके पूर्वजों के अनुसार शिवलिंग पाताल से निकला है। जिसकी बहुत मान्यता है। करीब 800 साल पुराने इस शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए विभिन्न राज्यों से भक्त आते हैं। साथ ही मनोकामना पूर्ण होने पर भंडारे का भी आयोजन करते हैं।

जलकुंड के बीच शिव मूर्ति आकर्षण का केंद्र

सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में जलकुंड है। जहां पर शिव मूर्ति है। इस मूर्ति तक जाने के लिए जलकुंड में मार्ग बनाया हुआ है। जिसके जरिये यहां पर आकर लोग शिवजी की आराधना करते हैं। परिसर के बीच जलकुंड में विराजमान शिव की मूर्ति श्रद्धालुओं का आकृर्षण का केंद्र रहती है। सिद्धेश्वर मंदिर में शिवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहती हैं। कांवड़िये हरिद्वार, अनूपशहर और गंगोत्री से जल लाकर यहां मौजूद शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। भक्तों की भीड़ को देख यहां पर मेला भी लगता है। साथ ही सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात किया जाता है।

41 फीट ऊंची श्रीकृष्ण मूर्ति

सिद्धेश्वर मंदिर में वर्ष 2023 में 41 फीट ऊंची श्रीकृष्ण की मूर्ति बनवाई गई। मूर्ति की सुंदरता को देख लोग मोहित होते हैं। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की माने तो श्रीकृष्ण की यह मूर्ति उन्हें आकृषित करती है। पुरुषोत्तम चौहान ने बताया कि वर्षों पुराने इस मंदिर में शिवरात्रि के दौरान लोगों की कतारें लग जाती हैं। लोग विभिन्न राज्यों से यहां आकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। वहीं मंदिर के पुजारी विनोद गिरी बताते हैं कि मंदिर की मान्यता है कि पूर्ण श्रद्धा से शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से मनोकामना पूर्ण होती है। जिसके बाद लोग यहां भंडारे करते हैं। 

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