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30 जुलाई, 2020|1:05|IST

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मुठभेड़ में मारे गए विकास दुबे के भाई और मामा का शव लेने नहीं आए परिजन, पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार

कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों के शहीद हाेने के बाद कॉम्बिंग के दौरान मार गिराए गए विकास दुबे के मामा और चचेरे भाई का पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी, इसके बाद भी कोई नहीं आया। इसके चलते पुलिसकर्मियों ने ही भैरोघाट स्थित विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार करा दिया।

विकास के मामा प्रेमप्रकाश उर्फ प्रेमकुमार पांडेय व चचेरे भाई अतुल दुबे का पुलिस ने पंचायतनामा भरकर पैनल और वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया। बिल्हौर इंस्पेक्टर संतोष अवस्थी के मुताबिक दोनों के परिजनों को सूचना दे दी गई थी। भैरोघाट पर उनके परिजनों का इंतजार होता रहा।द आखिरकार शाम साढ़े चार बजे तक जब दोनों के परिजन नहीं आए तो पुलिसकर्मियों ने मिलकर दाह संस्कार करवाया। 

मामा को तीन व चचेरे भाई को लगीं आठ से नौ गोलियां 
प्रेमप्रकाश के शरीर पर गर्दन से नीचे सीने और पेट में तीन गोलियां लगीं थी जो आरपार हो गईं। शनिवार तड़के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ। वहीं अतुल दुबे के शरीर में गर्दन के नीचे सीने, पेट, कमर आदि में कुल आठ से नौ गोलियां लगीं थीं। दोनों ही मामलों में मौत का कारण ज्यादा खून बहना आया है।

पूरी रात भूखे बैठे रहे डॉक्टर 
शुक्रवार सुबह से ही पुलिसकर्मियों के पोस्टमार्टम के लिए चार डिप्टी सीएमओ व आठ डॉक्टरों की टीम लगाई गई थी। वहीं प्रेमप्रकाश व अतुल का भी रात में ही पोस्टमार्टम होना था। इस पर डॉक्टरों की टीम पंचायतनामे का इंतजार करती रही। जबकि चौबेपुर थाने के दरोगा व सिपाही तड़के पांच बजे पंचायतनामा लेकर पहुंचे जिसके चलते डॉक्टर रात भर पोस्टमार्टम हाउस में भूखे बैठे रहे।

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  • Web Title:The relatives of Vikas Dubey cousin and maternal uncle who died in the encounter did not come to the dead body police conducted the last rites