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जितनी पार्किंग उतने ही फ्लैट बना सकेंगे, योगी सरकार का बड़ा फैसला

यूपी में अब जितनी पार्किंग होगी, उतने ही फ्लैट बना सकेंगे। योगी कैबिनेट की बैठक में इसके लिए भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2008 (यथा संशोधित) में संशोधन को मंजूरी दे दी है।

जितनी पार्किंग उतने ही फ्लैट बना सकेंगे, योगी सरकार का बड़ा फैसला
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखनऊWed, 29 Nov 2023 09:59 AM
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शहरों में जाम से निजात दिलाने के लिए घरों में पार्किंग की सुविधा को बढ़ावा दिया गया है। ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग की व्यवस्था करने पर भवन स्वामियों को एक मंजिल अतिरिक्त निर्माण की अनुमति दी जाएगी। बहुमंजिला इमारतों और व्यवसायिक संस्थानों में आए दिन होने वाले शार्ट सर्किट की रोकथाम के लिए तारों की एमबी भी मानक के अनुसार लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसके लिए भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2008 (यथा संशोधित) में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। शहरों में जमीन लगातार कम होती जा रही है। इसके चलते स्कूल, कॉलेज व अस्पतालों का नक्शा पास नहीं हो पा रहा है। भवन निर्माण एवं विकास उपविधि में यह प्रावधान कर दिया गया है कि विभाग और बोर्ड अगर कम जमीन पर इसकी अनुमति देता है तो नक्शा पास कर दिया जाएगा।

शहरों में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए सभी प्रकार के भवनों के लिए स्टिल्ट फ्लोर का प्रावधान करने का फैसला किया गया है। इसके आधार पर भवनों के ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग की व्यवस्था करने वाले को एक फ्लोर अतिरिक्त बनाने की अनुमति दी जाएगी। भवन निर्माण में लचीलेपन को बढ़ावा देने के लिए भवनों की अधिकतम ऊंचाई 17.5 मीटर करने, आंशिक पूर्णता प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था की गई है। उदाहरण के लिए निजी टाउशिप में पांच टावर बनाने का नक्शा पास कराने वाला अगर दो टावर बनाकर आंशिक पूर्णता प्रमाण पत्र लेना चाहता है तो उसे दे दिया जाएगा।

इसके साथ ही क्रय योग्य फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) के आधार पर अतिरिक्त निर्माण के लिए समानुपातिक आधार पर अनुमति दी जाएगी। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण नीति का पालन कराने के लिए चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्ताव को भवन निर्माण उपविधि में शामिल कर दिया गया है। इसके आधार पर बड़े भवनों में ई-चार्जिंग की सुविधा देना अनिवार्य कर दिया गया है।

आवास एवं शहरी मंत्रालय केंद्र सरकार द्वारा डिजिटल संचार को बढ़ावा देने के लिए इन बिल्डिंग साल्यूशन के प्रावधानों के संबंध में जारी एडेंडम टू मॉडल बिल्डिंग बाईलाइज को भी राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया है। राइट ऑफ-वे पालिसी के अंतर्गत मोबाइल, टेलीफोन टॉवर की अनुमति देने में आने वाली कठिनाइयों का निराकरण कर दिया गया है। सेफ सिटी के तहत निजी टाउनशिप में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

यह होगा फायदा
बदलते परिवेश में मांग के अनुरूप कम जमीन पर भवन निर्माण की अनुमति होगी। भवनों को बनाने के लिए जरूरी मानकों को पूरा करने होगा, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। भवनों का नक्शा पास करने की प्रक्रिया सरल और सुगम होगी। इससे जनसामान्य की सुविधा और सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। शहरी क्षेत्रों में गुणवत्ता पूर्ण आवासीय इकाइयों की उपलब्धता बढ़ेगी। पार्किंग सुविधा और सुरक्षा मानकों का विस्तार होगा। शहरों के सुनियोजित विकास से रियल स्टेट क्षेत्र में रोजगार मिलने का रास्ता साफ होगा।
 

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