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21 सितम्बर, 2020|11:43|IST

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उत्तर प्रदेश में लाॅजिस्टिक पार्क का हब होगा विकसित 

प्रदेश के  निवेश एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लाजिस्टिक पार्क का हब विकसित किया जायेगा।  इसके प्रचलित लाजिस्टिक पालिसी को में बदलाव करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर उद्यमों को पुनः पटरी पर लाने का कार्य कर रही है।  

 सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शुक्रवार को  प्रमुख सचिव, एमएसएमई  नवनीत सहगल व अन्य अधिकारियों संग कारोबारियो संग उनकी समस्याओं पर चर्चा की और समाधान निकाले जाने की बात कही। कोरियन चैम्बर्स आॅफ कामर्स के अध्यक्ष श्री पार्क ने चीन से पलायन करने वाली कोरिया की इलेक्ट्रानिक इण्डस्ट्रीज को उत्तर प्रदेश में लाने की इच्छा प्रकट की। श्री पार्क के इस प्रस्ताव का मंत्री  ने स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश कोरियन उद्यमियों को उद्यम स्थापना के लिए हर सम्भव सहयोग प्रदान करेगी। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतिदिन इसके लिए मीटिंग कर रहे है।

उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण प्रभावित उद्योग जगत के लिए औद्योगिक नीतियों को और अधिक सरल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जो श्रमिक घर चले गये हैं, उनको पुनः इण्डस्ट्री तक लाना पहुत बड़ा चैलेंज है। इस दिशा में भारत सरकार की गाइड लाइन के तहत जल्द ही उचित निर्णय लिया जायेगा।

 इंटरनेट पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से संवाद का यह कार्यक्रम पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने आयोजित किया था। जिसमें पीएचडी चैंबर के यूपी चैप्टर चेयरमैन व गौड संस के मनोज गौड समेत केंट आरओ के महेश गुप्ता, मनीष खेमका सहित अनेक उद्योगपति, प्रमुख कारोबारी व उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। उद्यमियों द्वारा कारोबारियों की समस्याओं के त्वरित निदान और अन्य प्रदेशों में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को यहां लाने और उनको रोजगार देने की पहल को सराहा।

 प्रमुख सचिव डा0 नवनीत सहगल ने उत्तर प्रदेश में 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के उद्यमों को शसर्त शुरू करने की अनुमति दी है। उद्योगों को किसानों से सीधे कृषि उपज क्रय करने की छूट प्रदान की गई है। लेकिन हर प्रकार की गतिविधियों में भारत सरकार द्वारा जारी लाॅकडाउन नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि उद्यमियों की मांग पर विद्युत के फिक्सड् चार्ज की जगह वास्तविक रीडिंग के आधार पर बिल भुगतान पर सरकार गम्भीरता से विचार कर रही है। इसके अतिरिक्त सरकारी विभागों को उद्यमियों के बकाया भुगतान जल्द से जल्द किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही जी0एस0टी0 रिफण्ड की कार्यवाही भी कराई जा रही है।

 सभी कारोबारी इस बात पर एकमत थे कि फैक्ट्रियों से पहले बाजार को खोला जाए। अन्यथा बिना बिक्री के उत्पादन से कोई लाभ नहीं होगा। साथ ही उप्र के औद्योगिक इलाकों में बंदी की वजह से तीन महीने का लीज रेंट व अन्य शुल्क माफ करना व बिजली के बिलों में स्थाई शुल्क माफ करके मीटर रीडिंग के आधार पर भुगतान लेने का अनुरोध भी किया गया। इसके अतिरिक्त फैक्ट्री में वर्किंग शिफ्ट 12 घण्टे करने की छूट देनंे का भी अनुरोध किया।
 

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  • Web Title:The hub of Logistic Park will be developed in Uttar Pradesh