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17 जनवरी, 2021|10:12|IST

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नए साल के पहले दिन काशी विश्वनाथ के दरबार में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम, गंगा की रेती पर चौपाटी का नजारा

देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में नए साल के पहले दिन बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने को लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ है। नए वर्ष में सूरज की पहली किरण उम्मीदों का उजाला लेकर आए, इस मनोकामना के साथ काशीवासी बाबा की देहरी पर पहुंचे हैं। बड़ी संख्या में देश के अन्य हिस्सों से भी लोग साल के पहले दिन की शुरुआत बाबा विश्वनाथ के दर्शन से करने पहुंचे हैं। बाबा विश्वनाथ के साथ ही अन्नपूर्णेश्वरी, संकटमोचन और काल भैरव मंदिर में भी लोगों की कतार दिखाई दी। संकटों से मुक्ति और सर्व मंगल की कामना का आशीष मांगने लोग परिवार के साथ पहुंचे। 

दर्शन पूजन के साथ लोगों ने सैर सपाटा भी खूब किया। शहर के लगभग सभी सड़कें जाम की चपेट में रहीं। पूजा पाठ से खाली होकर लोगों ने गंगा घाट का रुख कर किया। युवाओं ने गंगा उस पार रेती पर मौज मस्ती की। रेती पर मुंबई की चौपाटी जैसा नजारा दिखाई दिया। काफी लोगों ने सारनाथ में नए वर्ष का उत्सव मनाया। बीएचयू स्थित विश्वानाथ मंदिर पर भी लोग पहुंचे। यहां दर्शन पूजन के साथ सैरसपाटा दोनों हुआ। 

हर साल की तरह नए साल के पहले दिन जाम में भी लोग फंसे रहे। जिस दूरी को तय करने में 30 मिनट लगते थे वहीं शुक्रवार  की सुबह दूरी तय करने में एक घंटे का वक्त लगा। इसका साफ कराण नए साल के पहले दिन लोग परिवार के साथ दर्शन पूजन व घूमने के लिए निकले थे। साल के पहले दिन ट्रैफिक पुलिस की ओर से कोई खास व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण सुबह होते ही शहर में हर तरफ जाम लग गया। देखते ही देखते जाम की झाम में पूरा शहर फंस गया। 

काशी विश्वनाथ पहुंचे लोगों के वाहन सड़क किनारे ही लगाने से भी जाम की स्थिति बिगड़ती रही। इससे सड़क पर पैदल चलने के लिए जगह नहीं बची थी। संकटमोचन पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही के कारण पुलिस चौकी से लेकर लंका-दुर्गाकुंड मार्ग पर भीषण जाम लग गया। जाम की समस्या का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि संकटमोचन पुलिस चौकी से दुर्गाकुंड की दूरी मोटरसाइकिल से तय करने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा। लोग सड़क के किनारे स्थित दीवारों पर चढ़कर किसी तरह जाम से निकलने की जुगत में लगे रहे। 

सारनाथ स्थित पुरातात्विक खंडहर परिसर, मिनी जू, संग्रहालय, मूलगंध कुटि विहार बच्चों की धमाचौकड़ीसे गुलजार रहे। बच्चे क्रिकेट और फुटबाल खेलने में मशगूल हैं तो युवतियां और महिलाएं ऐतिहासिक धरोहरों के साथ सेल्फी लेने में मग्न रहीं। गंगा उस पार रेती पर प्रशासन की गाइडलाइन के मुताबिक खूब मौज-मस्ती जारी है। प्रमुख घाट दशाश्वमेध, पंचगंगा, अस्सी, राजाचेत सिंह घाट पर सैलानियों की काफी भीड़ रही।

इससे पहले होटल-क्लब-रेस्त्रां में नव वर्ष के उत्सव के आयोजन प्रतिबंधित होने के बाद लोगों ने ज्यादातर घरों में ही उत्सव मनाया। एक अनुमान के अनुसार वर्ष के आखिरी दिन दस लाख रुपये के बेकरी उत्पादों की बिक्री हुई। इसमें सबसे ज्यादा रेडवेल्लेट और वाइट फारेस्ट केक की जबरदस्त मांग रही। 

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  • Web Title:The devotees gathered in Baba Vishwanath s mandir on the first day of the new year the view of the Chowpatty on the Ganges sand