DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › गैंगरेप पीड़िता की शिकायत नजरअंदाज करना पड़ा भारी, इंस्पेक्टर और दरोगा पर केस
उत्तर प्रदेश

गैंगरेप पीड़िता की शिकायत नजरअंदाज करना पड़ा भारी, इंस्पेक्टर और दरोगा पर केस

हिन्दुस्तान टीम,मुरादाबादPublished By: Deep Pandey
Fri, 06 Aug 2021 07:29 AM
गैंगरेप पीड़िता की शिकायत नजरअंदाज करना पड़ा भारी, इंस्पेक्टर और दरोगा पर केस

गैंगरेप पीड़िता की उपेक्षा मामले में सिविल लाइंस थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर सुधीरपाल धामा और अगवानपुर चौकी प्रभारी राघवेंद्र सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ये कार्रवाई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आदेश पर की गई। आरोप है कि दोनों ने गैंगरेप पीड़िता की शिकायत को नजरअंदाज किया। एसपी देहात विद्या सागर मिश्र के आदेश पर अगवानपुर चौकी के वर्तमान प्रभारी राजेंद्र सिंह की तहरीर पर मुकदमा लिखा गया है। थाने के अपराध निरीक्षक गजेंद्र त्यागी को इस मामले की विवेचना सौंपी गई है।

मुरादाबाद के सिविल लाइंस के अगवानपुर चौकी क्षेत्र निवासी एक महिला ने 18 नवंबर 2018 को तत्कालीन चौकी प्रभारी राघवेंद्र सिंह और एसएचओ सुधीरपाल धामा को एक तहरीर दी थी। जिसमें उसने गैंगरेप का आरोप लगाया था। आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन महिला की शिकायत पर दोनों ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में पीड़िता ने कोर्ट में अर्जी लगाई और कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया। इसके साथ ही पीड़िता ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में चौकी और थाना प्रभारी की शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने प्रारंभिक जांच कराई तो पाया गया कि थाना और चौकी प्रभारी ने अपने लोकसेवक के दायित्व का निर्वन नहीं। दोनों ने पीड़िता को आहत किया। आयोग ने इस मामले में मानवाधिकार के जिले के नोडल अधिकारी एसपी देहात विद्या सागर मिश्र को दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद एसपी देहात ने अगवानपुर चौकी प्रभारी को निर्देशित किया। अगवानपुर चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह की तहरीर पर गुरुवार को सिविल लाइंस थाने में आरोपी सुधीर पाला धारा और राघवेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर सुधीर पाल धामा वर्तमान में अलीगढ़ में तैनात हैं। जबकि एसआई राघवेंद्र सिंह की तैनाती गाजियाबाद जिले में है।

जिस थाने के प्रभारी रहे वहीं पर केस

इंस्पेक्टर सुधीर पाल धामा करीब आठ माह तक सिविल लाइंस थाने के प्रभारी निरीक्षक रहे। उनके कार्य को काफी सराहा जाता था। लेकिन एक शिकायत पर उपेक्षापूर्ण कार्रवाई भारी पड़ गई। जिस थाने के वह प्रभारी निरीक्षक थे उसी में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया। इसी तरह चौकी प्रभारी राघवेंद्र सिंह भी जिले के विभिन्न पुलिस चौकी पर तैनात रहे थे। अगवानपुर में भी उन्होंने काफी समय तक काम किया था।
 
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर निरीक्षक सुधीर पाल धामा और उप निरीक्षक राघवेंद्र सिंह के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दोनों पर शिकायत पर कार्रवाई न करके पीड़िता को आहत करने का आरोप है। प्रकरण की विवेचना कराई जा रही है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएगा उसके अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
-विद्या सागश्र मिश्र, एसपी देहात/नोडल अधिकारी मानवाधिकार

संबंधित खबरें