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गोरखपुर: आठ लाख की संदिग्ध दवाएं पकड़ीं, कारोबारी फरार

उत्‍तर प्रदेश के गोरखपुर में चल रहे नकली दवा के कारोबार से जल्द पर्दा उठ सकता है। सोमवार को ड्रग विभाग ने अलीनगर में छापा मारकर लगभग आठ लाख रुपये की नकली दवाएं पकड़ी हैं। हालांकि छापे के दौरान...

गोरखपुर: आठ लाख की संदिग्ध दवाएं पकड़ीं, कारोबारी फरार
Ajay Singhहिन्‍दुस्‍तान टीम ,गोरखपुर Mon, 11 Jan 2021 10:45 PM
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उत्‍तर प्रदेश के गोरखपुर में चल रहे नकली दवा के कारोबार से जल्द पर्दा उठ सकता है। सोमवार को ड्रग विभाग ने अलीनगर में छापा मारकर लगभग आठ लाख रुपये की नकली दवाएं पकड़ी हैं। हालांकि छापे के दौरान कारोबारी भाग निकला। इस कार्रवाई के बाद भालोटिया में तीन से चार व्यापारियों के माथे पर शिकन आ गई है।

बताया जा रहा है कि व्यापारी ने उत्तराखंड से नकली दवाएं मंगाई थीं। बिना बिल के उसने एक दूसरे व्यापारी को बेच दी। एक तीसरे व्यापारी ने उससे दवा खरीदकर लखनऊ के एक व्यापारी को भेज दिया। वहां जांच में दवा नकली मिलने पर उस व्यापारी ने उसे लौटा दिया। इस मामले में 18 लाख रुपये फंस जाने पर विवाद शुरू हुआ, इसके बाद यह मामला सामने आया। इस मामले में चार दिनों से ड्रग विभाग भालोटिया बाजार के व्यापारियों को खंगाल रहा था। सोमवार को विभाग को इस मामले में ठोस सूचना मिली। 

इसके बाद विभाग की टीम ने पुलिस की मदद से अलीनगर में एक घर में सर्च किया। यहां दवाओं का जखीरा मिला। इस कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद दवा कारोबारी फरार हो गया। खबर है कि फरार कारोबारी नकली दवा के कारोबार से जुड़ा था। उसकी पास कोई पंजीकृत फर्म नहीं है।

ड्रग विभाग के अधिकारियों का मानना है कि पकड़ी गई दवाएं उसी काले कारोबार का हिस्सा हैं जो पिछले दिनों सामने आया था। हालांकि पूरी दवाएं सील कर कारोबारी के परिवार की अभिरक्षा में दे दी गई हैं। उनसे लाइसेंस व दवा का बिल प्रस्तुत करने को कहा गया है। दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है। विभाग का मानना है कि अब कड़ी से कड़ी जुड़ती चली जाएगी और जिले में चल रहे नकली दवा के काले कारोबार का पूरी तरह पर्दाफाश हो जाएगा। छापे के दौरान सहायक औषधि आयुक्त एजाज अहमद, ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह, महराजगंज के ड्रग इंस्पेक्टर शिव कुमार नायक, जिला प्रशासन के एक अधिकारी व पुलिस बल मौजूद था।

अब दवाओं का पूरा काला कारोबार सामने आ जाएगा। विभाग की टीमें लगातार नकली दवाओं की तलाश कर रही हैं। कुछ कारोबारियों के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। उनके दावों की तस्दीक की जा रही है।

एजाज अहमद, सहायक औषधि आयुक्त

नकली दवाएं बेचना अमानवीय है। जनता की जरूरतों से खेलने वालों को सजा होनी ही चाहिए। काले कारोबारियों के साथ कभी भी एसोसिएशन खड़ा नहीं हो सकता, बल्कि ऐसे लोगों को सजा दिलाने में सहयोग करेगा।

संजय उपाध्याय, अध्यक्ष, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन

​​​​​​​नकली दवाएं जानलेवा होती हैं। इन्हें बेंचने वाला व्यापारी नहीं हो सकता। ऐसे लोगों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। समिति नकली दवाओं के कारोबार को खत्म करने में प्रशासन की मदद करेगी।

आलोक चौरसिया, महामंत्री, दवा विक्रेता समिति

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