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बुलंदशहर हिंसा: मुकदमे से नहीं हटेगा मृतक सुमित का नाम

सुमित

बुलंदशहर हिंसा (Bulandshahr Violence) में सुमित को पुलिस की कार्रवाई से कोई राहत नहीं मिलेगी। सुमित की पथराव करते वीडियो और फोटो मिलने के बाद पुलिस न तो सुमित का नाम मुकदमे से निकाल रही है और न ही कोई दूसरी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि चूंकि सुमित की मौत हो चुकी है, इसलिए इसके संबंध में कोर्ट को रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहीं दूसरी ओर शासन की ओर से घोषित की गई मदद पर एडीजी मेरठ ने टिप्पणी करने से इंकार किया है। उनका कहना है कि शासन ने विवेक के अनुसार निर्णय लिया होगा।

इस पूरे प्रकरण में एडीजी मेरठ प्रशांत कुमार ने बताया कि दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। एक मुकदमा इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या समेत बलवे का है। दूसरा मुकदमा गोकशी का दर्ज किया गया। पहले मुकदमे में पुलिस ने बवाल के तीन आरोपियों की धरपकड़ की और गोकशी के मामले में भी चार गिरफ्तारी की गई। बताया कि घटना में जो भी लोग शामिल हैं, उनकी धरपकड़ के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी सभी वीडियो और तथ्यों की पड़ताल के बाद आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित कर रही है। बताया कि वारदात में शामिल सभी आरोपियों पर एक्शन लिया जाएगा और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

सुमित का नाम एफआईआर से निकालने के लिए उसके परिजन मांग कर रहे हैं। इस सवाल पर एडीजी ने बताया कि सुमित का नाम निकालने के लिए कोई कारण नहीं बनता। सुमित के कुछ वीडियो फोटो सामने आए हैं, जिनमें भीड़ के साथ वो भी शामिल है। हालांकि सुमित की मौत हो चुकी है और इस संबंध में कोर्ट को सीधे रिपोर्ट भेजी जाएगी।

कुछ वीडियो पुरानी
एसआईटी ने एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया है, जिस पर 50 से ज्यादा वीडियो आ चुकी हैं। हालांकि इनमें से कुछ वीडियो दूसरी जगह की हैं। यही कारण है कि एसआईटी इन वीडियो की पड़ताल कर सही वीडियो का डाटा बैंक बना रही है। इसी आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है, ताकि कोई निर्दोष फंस न जाए और कोई दोषी बचने न पाए।

एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि हिंसा काफी संवेदनशील मामला है। किसी की भी गिरफ्तारी बिना सबूतों के हुई तो संभव है कि वो कोर्ट में इसका फायदा लेकर रिहा हो जाए। यही वजह है कि एसआईटी बनाई है। आईजी मेरठ पूरे मामले में नजर रख रहे हैं, ताकि हर आरोपी पर सभी सबूत जुटा लिए जाएं। कोई भी आरोपी बच नहीं सकेगा। हमारा पूरा प्रयास है कि इंस्पेक्टर की हत्या में शामिल आरोपियों को कोर्ट द्वारा सजा भी दिलाई जा सके। सभी बिंदुओं पर पुख्ता सबूत जुटाकर कार्रवाई की जा रही है। इसलिए गिरफ्तारी की संख्या कुछ कम है, लेकिन धरपकड़ की जाएगी।

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  • Web Title:Sumit name will not be removed from Bulandshahr violence case