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Hindi News उत्तर प्रदेशअरबों के फर्जीवाड़े में STF ने कसा शिकंजा, कॉर्पोरेट सिम देने वाली 2 टेलीकॉम कंपनियों को नोटिस

अरबों के फर्जीवाड़े में STF ने कसा शिकंजा, कॉर्पोरेट सिम देने वाली 2 टेलीकॉम कंपनियों को नोटिस

STF यह पता करना चाहती है कि UP में और कितने इस गिरोह के मददगार रहे। यह भी पूछा है कि गिरोह ने 32 फर्जी कम्पनियों के नाम सिम लिये हैं। क्या इन कम्पनियों के दस्तावेजों का किसी स्तर पर परीक्षण कराया गया।

अरबों के फर्जीवाड़े में STF ने कसा शिकंजा, कॉर्पोरेट सिम देने वाली 2 टेलीकॉम कंपनियों को नोटिस
Ajay Singhप्रमुख संवाददाता ,लखनऊMon, 29 Apr 2024 06:07 AM
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Notice sent to corporate companies: महादेव बुक और अन्य गेमिंग ऐप से फर्जीवाड़ा कर अरबों रुपये कमाने के मामले में एसटीएफ ने कॉर्पोरेट सिम देने वाली दो टेलीकॉम कम्पनियों को नोटिस भेजी है। नोटिस में इन लोगों से पूरा ब्योरा मांगा गया है कि किन-किन दस्तावेजों के आधार पर इन्हें कॉर्पोरेट सिम दिये गये।

एसटीएफ इन कम्पनियों के जरिये यह पता करना चाहती है कि यूपी में और कितने इस गिरोह के मददगार रहे। यह भी पूछा है कि गिरोह ने 32 फर्जी कम्पनियों के नाम सिम लिये हैं। क्या इन कम्पनियों के दस्तावेजों का किसी स्तर पर परीक्षण कराया गया।

एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने चार दिन पहले महादेव बुक और अन्य गेमिंग एप से फर्जीवाड़ा करने में देवरिया निवासी अभय सिंह और संजीव सिंह को गिरफ्तार किया था। अभय सिंह का फुफेरा भाई अभिषेक दुबई में है और वह ऐप का संचालन करने वाले मुखिया सौरभ चन्द्राकर की कम्पनी में मुख्य भूमिका निभाता है। अभिषेक के कहने पर ही अभय ने साथी संजीव के साथ फर्जीवाड़ा शुरू किया था और फर्जी दस्तावेज से 32 कम्पनियां रजिस्टर्ड करवायी। इसके बाद ही कार्पोरेट सिम लिये।

एएसपी के मुताबिक टेलीकॉम कम्पनियों ने फरवरी, 2024 में दस्तावेजों की केवाईसी कराने के लिये कम्पनी के कर्मचारियों की उंगलियों के निशान लेना शुरू कर दिया था। कम्पनी के नाम पर कार्पोरेट सिम खरीदना शुरू कर दिया गया। कुछ नियम शिथिल कर टेलीकॉम कम्पनियों ने रेवड़ी की तरह सिम कार्ड बांट दिये थे। इन नये नम्बरों से सट्टा लगवाया गया। अब टेलीकॉम कम्पनियों के अफसरों से पूछताछ की जायेगी।

अभय ने लखनऊ और कानपुर के 12 युवकों को भेजा दुबई
महादेव बुक और अन्य गेमिंग एप के संचालन में लगे सौरभ चन्द्राकर की कम्पनी में लखनऊ व कानपुर के लड़के भी शामिल थे। इन्हें यूपी से दुबई भेजने में गिरफ्तार अभय सिंह ने अहम भूमिका निभायी थी। इनके अलावा भी कई और युवकों के दुबई जाने की बात सामने आयी है पर ब्योरा 12 लोगों का ही मिला है। एसटीएफ का दावा है कि अभय और संजीव ने पूछताछ में इस तरह के कई खुलासे किये है। अब पुलिस इन 12 लड़कों की पूरी जानकारी कर रही है। हालांकि इस बारे में अफसर कुछ नहीं बोल रहे हैं।

अभय सिंह और संजीव ने मजदूरों व छोटी कम्पनियों में नौकरी करने वाले कई लड़कों के नाम पर सिम कार्ड लिये थे। फिर इन्हें पोर्ट कराकर दुबई भेजा था। दुबई में संचालकों ने इन मोबाइल नम्बरों पर गेमिंग एप चलाये थे। महादेव बुक गेमिंग एप का फर्जीवाड़ा सामने आने पर ईडी ने जांच शुरू कर दी थी। इस पर ही अन्य गेमिंग एप डाउन लोड किये जाने लगे थे। अभय ने ही खुलासा किया था कि 12 हजार युवक देश भर से दुबई गये हैं जो सौरभ चन्द्राकर की कम्पनी में नौकरी कर यही फर्जीवाड़ा करा रहे है। इसमें उसने 12 लड़कों के बारे में बताया। ये लखनऊ और कानपुर के रहने वाले है। इनका पूरा पता वह नहीं जानता है पर उसने यह जरूर कहा कि विज्ञापन के जरिये ये लेाग सम्पर्क में आये थे। इनके दस्तावेज सिम कार्ड लेने में लगाये गये है। इस आधार पर ही एसटीएफ ने इनका पूरा ब्योरा जुटाया।

32 लोगों की कुंडली खंगाल रही एजेंसी
ऐप मामले में साहिल खान समेत 32 लोगों के खिलाफ जांच चल रही है। उनके बैंक खातों, मोबाइल फोन, लैपटॉप की जांच की जा रही है। 15000 करोड़ के इस घोटाले में ईडी धनशोधन के पहलू की जांच कर रहा है, जबकि मुंबई पुलिस ने 32 पर अलग केस दर्ज किया है।

तमन्ना भाटिया की कल पेशी
साइबर सेल ने गुरुवार को महादेव ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी एप्लिकेशन के एक सहायक ऐप पर प्रचार करने के संबंध में अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को समन किया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभिनेत्री को 29 अप्रैल को साइबर सेल के अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। शिकायत में कहा गया है कि साल 2023 में फेयरप्ले सट्टेबाजी ऐप पर कुछ आईपीएल मैचों का अवैध प्रसारण किया गया।

क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी रामेश्वर चंद्राकर नगर निगम में पानी के पंप चलाने वाले ऑपरेटर का काम करते हैं। उनका बेटा सौरभ चंद्राकर है। 28 साल के सौरभ भिलाई में एक छोटी सी जूस की दुकान चलाते थे। रवि उत्पल के साथ मिलकर सौरभ ने सट्टेबाजी की वेबसाइट और ऐप बनाया।