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हलाल प्रमाण पत्र मामले में मौलाना असद मदनी को एसटीएफ ने सवालों में उलझाया, नहीं दे पाए जवाब

हलाल प्रमाण पत्र मामले में मौलाना असद मदनी को एसटीएफ ने सवालों में खूब उलझाया। असद मदनी ने प्रमाण पत्र से जुड़े कई सवालों के जवाब दिये तो कई सवालों का जवाब उन्होंने बाद में देने को कहा।

हलाल प्रमाण पत्र मामले में मौलाना असद मदनी को एसटीएफ ने सवालों में उलझाया, नहीं दे पाए जवाब
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखनऊThu, 22 Feb 2024 12:01 PM
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बिना किसी सरकारी संस्था के अधिकृत किये ही हलाल प्रमाण पत्र देने वाली संस्थाओं के खिलाफ जांच कर रही एसटीएफ ने मंगलवार और बुधवार को मौलाना महमूद असद हुसैन मदनी से कई घंटे पूछताछ की। जमीयत उलेमा हिन्द के सदर और हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन असद मदनी ने प्रमाण पत्र से जुड़े कई सवालों के जवाब दिये तो कई सवालों का जवाब उन्होंने बाद में देने को कहा। एसटीएफ के नोटिस देने पर मदनी मंगलवार को अपने तीन वकीलों के साथ आये थे। एसटीएफ ने उन्हें जवाब देने के लिये सात दिन बाद फिर आने को कहा है। यह समय मौलाना मदनी ने मांगा था। 

एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह की टीम ने इस मामले में चार आरोपितों मो. हबीब, मो. मुईदशीर, मो.ताहिर और मो. अनवर को गिरफ्तार किया था। इनके बयान के बाद ही मौलाना महमूद असद हुसैन मदनी को नोटिस देकर बुलाया गया था। मदनी से मंगलवार को एसटीएफ के कई अफसरों ने पूछताछ की। डिप्टी एसपी दीपक सिंह ने मौलाना मदनी से पूछा कि हर प्रमाण पत्र के लिये सालाना 10 हजार रुपये फीस और हर उत्पाद के लिये एक हजार रुपये किस आधार पर वसूले जा रहे थे। इस बारे में मौलाना ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। उनसे  यह भी पूछा गया कि आपको पता था कि यह प्रमाण पत्र देना अवैध था। इस पर मौलाना ने कहा कि प्रमाण पत्र अधिकृत तरीके से ही दिया जा रहा था लेकिन इसके पीछे वह कोई तर्क नहीं दे सके। 

मुम्बई के दफ्तर के बारे में चुप रहे
एसटीएफ ने जब मुम्बई में हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया के दफ्तर के बारे में पूछा तो वह सिर्फ इतना कहे कि दो-तीन बार ही वहां गये है। वहां की कार्यप्रणाली पर कहा कि इस बारे में दूसरे लोग जानते हैं। इस पर एसटीएफ ने कई और सवाल पूछे तो मौलाना ने सात दिन का वक्त मांगा। उन्होंने कहा कि वह यह सारे जवाब सात दिन में तैयार कर लेंगे। 

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