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30 अक्तूबर, 2020|1:16|IST

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सुरक्षित प्रसव के लिए ट्रेंड किए जाएंगे प्रांतीय सेवा के डॉक्टर

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गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों की जान बचाने के लिए सीएचसी-पीएचसी और अन्य हेथ सेंटरों में तैनात डॉक्टर रेफ्रेशर कोर्स करेंगे। अपर इंडिया जच्चा बच्चा अस्पताल में इन डॉक्टरों को छह महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

प्रशिक्षण में जटिल प्रसव कराने से लेकर बच्चे को हाइपॉक्सिया से बचाने सम्बंधी इलाज की पढ़ाई कराई जाएगी। एक तरह से कम्प्रहेंसिव इमरजेंसी ऑब्सट्रक्टिव एंड नियोनेटल केयर का कोर्स होगा।अपर इंडिया की विशेषज्ञ डॉ. शैली अग्रवाल का कहना है कि प्रशिक्षण का मकसद ग्रामीण इलाकों, कस्बो के डॉक्टरों को गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं को इमरजेंसी में इलाज देने के लिए तैयार करना है।

अभी सीएचसी पीएचसी पर सामान्य एमबीबीएस डॉक्टर ऐसी महिलाओं को जटिलता के साथ इमरजेंसी में आ रही है उन्हें इलाज सही तरीके से नहीं दे पा रहे हैं। मसलन ब्लीडिंग रोकने,पैदा होने वाले नवजात को किस तरह मैनेज करके रेफर किया जाए? यह सही तरह से नहीं होने से गर्भवती महिलाएं व नवजात जान के खतरे के साथ अस्पताल आते हैं। इलाज में देरी हो जाती है। इसलिए डॉक्टरों को इस तरह ट्रेंड किया जाए जिसमें वह जटिल प्रसव भी करा सकें। उन्हें सीएचसी पीएचसी पर ही मैनेज कर सकें। आठ डॉक्टरों का एक बैच होगा। उन्हें फैकेल्टी ट्रेनिंग देगी। 

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  • Web Title:state service doctors will be trend for safe delivery of women in uttar pradesh