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सपा सांसद बर्क की तबीयत बिगड़ी, परिवार वाले दिल्ली लेकर रवाना, इस बार भी अखिलेश ने संभल से दिया है टिकट

संभल से सपा सांसद डॉक्टर शफीकुर्रहमान बर्क की हालत बिगड़ने पर उन्हें मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ दिन चले इलाज के बाद बर्क को परिवार वाले दिल्ली लेकर रवाना हो गए हैं।

सपा सांसद बर्क की तबीयत बिगड़ी, परिवार वाले दिल्ली लेकर रवाना, इस बार भी अखिलेश ने संभल से दिया है टिकट
Dinesh Rathourलाइव हिन्दुस्तान,संभलSat, 03 Feb 2024 10:27 PM
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संभल से सपा सांसद डॉक्टर शफीकुर्रहमान बर्क की हालत बिगड़ने पर उन्हें मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ दिन चले इलाज के बाद बर्क को परिवार वाले दिल्ली लेकर रवाना हो गए हैं। डॉक्टरों ने बर्क की किडनी में इन्फेक्शन बताया है। वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी शफीकुर्रहमान बर्क को एक बार फिर संभल से लोकसभा चुनाव लड़ाने की तैयारी में हैं। अखिलेश यादव तीन पहले ही संभल से बर्क के नाम का ऐलान भी कर चुके हैं। संभल से सपा सांसद 94 वर्षीय डॉक्टर शफीकुर्रहमान बर्क की तीन दिन पहले हालत बिगड़ गई। उनके पौत्र जियाउर्रहमान बर्क मुरादाबाद के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें भर्ती कर लिया गया। 3 दिन से सांसद का मुरादाबाद के निजी अस्पताल में इलाज चला। सांसद के विधायक पौत्र जियाउर्रहमान बर्क ने बताया कि सपा सांसद को टाइफाइड हुआ है। हालांकि डॉक्टरों ने उनकी किडनी में इन्फेक्शन बताया। बर्क की हालत में कोई सुधार न होते देख परिवार वाले उन्हें दिल्ली लेकर रवाना हो गए हैं। 

अखिलेश ने तीन दिन पहले ही बर्क के नाम कर चुके हैं ऐलान

बीते मंगलवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव को लेकर 16 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया था। इसमें संभल से सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क का भी नाम है। बतादें कि बर्क अक्सर ही अपने बयानों के लिए हमेशा से चर्चा में रहते हैं। उनके बयानों के कारण सपा को कई बार असहज स्थिति से गुजरना भी पड़ा है। बर्क कभी मायावती की तारीफ तो कभी मुसलमानों को लेकर आक्रामक बयान देते भी नजर आ चुके हैं। इन सभी के बाद भी बर्क ने सपा की पहली ही सूची में स्थान बना लिया है। इसके पीछे सपा की पीडीए वाली रणनीति माना जा रहा है। पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्संख्यक का एजेंडा लेकर चुनावी मैदान में उतरे अखिलेश के पास संभल में बर्क से बड़ा अल्पसंख्यक चेहरा नहीं था। 94 वर्ष के डा. बर्क अपने 57 वर्ष के सियासी सफर में चार बार विधायक व पांच बार सांसद रह चुके हैं।

1967 से बर्क ने राजनीति में की थी शुरुआत

डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने चुनावी सियासत में कदम 1967 में रखा। यही वह वर्ष था जब मुलायम सिंह यादव ने भी अपनी सियासी पारी की शुरुआत की थी। अपने 57 वर्ष से अधिक के सियासी सफर में डा. बर्क ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं। 1974 में वह पहली बार विधान सभा चुनाव जीते थे। इसके बाद 1998, 1999, 2004, 2009 में चुनाव जीतकर सांसद बने थे। मगर 2014 में भाजपा के सतपाल सैनी से करीब 5 हजार वोट से हार गए थे। हालांकि, 2019 में संभल लोकसभा सीट से 89 वर्ष की उम्र में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुने गए।

मुलायम सिंह यादव के लिए बर्क ने छोड़ दी थी सीट

डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने वर्ष 1998 में संभल लोकसभा सीट से मुलायम सिंह यादव को चुनाव लड़ाया था जबकि वह खुद मुरादाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे। मुलायम सिंह यादव को उस चुनाव में 3,76,828 मत जबकि उनके प्रतिद्वंदी डीपी यादव को 2,10,146 मत मिले थे। मुलायम सिंह यादव ने डीपी यादव को 1,66,682 मतों से हराकर रिकार्ड जीत हासिल की थी। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में डा.शफीकुर्रहमान बर्क ने अपने प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी को  1,74,826 मतों से हराकर मुलायम सिंह यादव का रिकार्ड तोड़ दिया था। सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क दावा कर रहे हैं कि वह अपना 2019 का रिकार्ड तोड़कर और अधिक मतों से जीत हासिल करेंगे।

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