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सपा-बसपा गठबंधन: अखिलेश बोले- मायावती का अपमान, मेरा अपमान, पढ़ें 10 खास बातें

अखिलेश मायावती प्रेस कॉन्फ्रेंस

आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने और सत्ता से बाहर करने के लिए सपा और बसपा ने गठबंधन का औपचारिक ऐलान कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को लखनऊ में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। लोकसभा चुनाव 2019 में यूपी की कुल 80 सीटों में से दोनों ने 38-38 सीटों पर लड़ने का फैसला किया है। गठबंधन के ऐलान के दौरान मायावती और अखिलेश दोनों बीजेपी पर जमकर बरसे। अखिलेश ने कहा कि मायावती का सम्मान मेरा सम्मान है। अगर भाजपा का कोई नेता मायावती का अपमान करता है तो सपा कार्यकर्ता समझ लें कि वह मायावती का नहीं बल्कि मेरा अपमान है। यहां पढ़ें अखिलेश के संबोधन की 10 खास बातें- 

1. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पूरे देश में अराजकता का माहौल है। प्रदेश में भूखमरी और गरीबी चरम पर है। बीजेपी धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है। 

2. अखिलेश ने कहा- गठबंधन का मन उसी दिन पक्का हो गया था जब राज्यसभा में भीमराव अंबेडकर को छल से हराया गया था। मायावती जी का धन्यवाद कि उन्होंने बराबरी का मान दिया। आज से मायावती जी का अपमान मेरा अपमान होगा। मायावतीजी का सम्मान मेरा सम्मान है. उनका अपमान मेरा अपमान है।

सपा-बसपा गठबंधन: जानें क्या बोलीं मायावती, पढ़ें 10 खास बातें

3. भाजपा ने भगवानों को भी जाति में बांट दिया है। 

4. सपा-बसपा का केवल चुनावी गठबंधन नहीं है, यह गठबंधन भाजपा के अत्याचार का अंत भी है।

 

LIVE: मायावती ने कहा, लोकसभा चुनाव में 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी सपा और बसपा

5. अखिलेश ने कहा- भाजपा कर सकती है दंगा कराने का प्रयास। 

6. उत्तर प्रदेश ने हमेशा प्रधानमंत्री दिया है और एक बार फिर उत्तर प्रदेश इस देश को पीएम देगा। हमे खुशी होगा कि यूपी से पीएम बने। आपको पता है कि हमे किसे सपोर्ट करेंगे।

7. अखिलेश यादव मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि भाजपा को सपा-बसपा मिलकर यूपी में सफाया करेंगे। 

8. उत्तर प्रदेश जातीय प्रदेश बन गया, इलाज से पहले और मुकदमा दर्ज करने से पहले यहां जाति पूछी जा रही है।

9. अखिलेश ने कहा कि जातिवाद का चरम काल है भाजपा का कार्यकाल। शरीफों का जीना मुहाल है, फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं।
 
10.  बीजेपी के राज में हर वर्ग परेशान है। भाजपा के अहंकार का विनाश करने के लिए बसपा और सपा का मिलना बहुत जरूरी था। 

सपा-बसपा यूपी में करीब 24 साल बाद एक बार फिर से साथ आ गए हैं। सपा-बसपा गठबंधन 2 जून 1995 में टूटा था। इसके बाद दोनों दल एक साथ नहीं आए। 

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  • Web Title:SP BSP Alliance: Respecting Mayawati Same as Respecting Akhilesh Yadav SP Chief Tells Cadres