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सपा-बसपा गठबंधन: लोकसभा ही नहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में भी रहेगा साथ 

सपा-बसपा के कार्यकर्ता जश्न मनाते हुए

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन आगे 2022 तक विधानसभा चुनाव में भी रहेगा। वर्ष 2019 में इस गठबंधन से नए राजनीतिक क्रांति का संदेश निकलेगा। सपा-बसपा गठबंधन जनहित के लिए किया गया है। यह गठबंधन आगे चलकर देश के बेहतर कल बनाने वाला साबित होगा। मायावती ने अखिलेश के चाचा शिवपाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा द्वारा उन पर बहाया जा रहा पैसा बेकार जाएगा।

गेस्ट हाउस कांड से ऊपर है जनहित
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सपा के साथ 1993 में विधानसभा चुनावों में कांशीराम व मुलायाम सिंह ने गठबंधन कर चुनाव लड़ने का फैसला किया था और सरकार बनाई गई थी। हालांकि, यह गठबंधन कुछ गंभीर कारणों की वजह से ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल सका। मायावती ने कहा कि उन्होंने जनहित में ही 2 जून 1995 को हुए लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस को भुलाकर सपा के साथ गठबंधन करने का फैसला किया है।

शिवपाल पर बहाया भाजपा का पैसा बेकार जाएगा
मायावती ने अखिलेश के चाचा शिवपाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा द्वारा उन पर बहाया जा रहा पैसा बेकार जाएगा। उन्होंने कहा कि 4 जनवरी को ही गठबंधन फाइनल हो गया था। इसकी भनक शायद भाजपा को हो गई थी जिसकी वजह से हमारे सहयोगी अखिलेश यादव की छवि धूमिल करने के लिए जबरन उनका नाम खनन घोटाले में शामिल किया गया। बसपा इसकी निंदा करती है। हम सपा के साथ इस मामले में पूरी तरह से खड़े हुए हैं। भाजपा के इस कदम के बाद गठबंधन और मजबूत होगा।

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कांग्रेस-भाजपा को खरी-खरी
आजादी के बाद लंबे समय तक देश और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में कांग्रेस ने राज किया है। कांग्रेस के राज में कमजोर वर्ग, किसान, व्यापारी, दलित और ओबीसी के लोग परेशान रहे हैं। इनके शासनकाल में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार बढ़ा है। इसी के चलते बसपा और सपा जैसी राजनीतिक पार्टियों का गठन हुआ, ताकि कांग्रेस के मनमानी तरीके से किए जा रहे शासन को मुक्ति मिल सके। भाजपा की जहरीली, सांप्रदायिक और जातिवादी राजनीतिक से प्रदेश को दूर रखने की मंशा से किया गया है। भाजपा ने सिर्फ नफरत को बढ़ावा दिया है। भाजपा समाज में नफरत का जहर भर रही है। राज्य में भूखमरी और गरीबी चरम पर पहुंच गई है।

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भाजपा-कांग्रेस सरकारों में रक्षा घोटाले
उन्होंने कहा कि भाजपा का नजरिया और शासन का तरीका कांग्रेस के जैसा ही रहा है। रक्षा सौदे की खरीदारी में कांग्रेस और भाजपा दोनों की सरकारों ने जबरदस्त घोटाले हुए हैं। कांग्रेस राज में बोफोर्स घोटाला हुआ, जिसके चलते उनकी सरकार चली गई थी। इसी तरह भाजपा को राफेल मामले में सरकार गवांनी पड़ेगी। दोनों पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने घोषित रूप से आपातकाल लगा रखा था और भाजपा ने अघोषित रूप से लगा रखा है। सपा-बसपा के गठबंधन करके चुनाव लड़ने पर 1977 जैसा नुकसान भाजपा को उठाना पड़ेगा।

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  • Web Title:SP BSP Alliance mayawati akhilesh yadav say in lucknow this alliance Lok Sabha 2019 will not be held in 2022 Assembly election