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16 अक्तूबर, 2020|11:32|IST

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सॉल्वर गैंग मामला: चार खातों में इधर से उधर होते थे रुपए, सॉल्वर को मिली थी टोकन मनी

नीट और यूपी-यूपी कैट में सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस को चार बैंक खातों के बारे में जानकारी मिली है। इनसे रकम का आदान-प्रदान हुआ है। वहीं, फरार सरगना की लोकेशन शहर से बाहर मिली है। उसकी तलाश में टीमों को लगाया गया है। 

नीट और यूपी कैट को सॉल्वरों से दिलवाने के आरोप में पुलिस ने डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ में कार्यरत जूनियर रेजीडेंट आजमगढ़ के फूलपुर निवासी डॉ. सचिन कुमार मौर्या, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर से एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्र मिर्जापुर जनपद के रामपुर गांव निवासी  अवध बिहारी, बांसगांव के अमित जायसवाल, गोरखपुर के गगहा निवासी बेदरतन, बलरामपुर के पचपेड़वा निवासी महफूज, फैजाबाद के राकेश वर्मा और पनकी के गंगागंज निवासी धीरेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इनसे चारों बैंक खातों के बारे में जानकारी मिली। इनसे डॉक्टर, एमबीबीएस छात्र समेत अमित को पैसे ट्रांसफर किए गए थे। एसपी पश्चिमी ने बताया कि ये सभी खाते शहर के ही हैं और यहीं से ऑपरेट हो रहे थे। इनमें ज्यादा नकदी नहीं मिली है। मगर खातों में कितना ट्रांजेक्शन हुआ है इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। 

50 हजार रुपए टोकन मनी दी गई थी 
एसपी ने बताया कि सॉल्वरों से दस लाख रुपए में डील तय की गई थी। इन्हें 50-50 हजार रुपए टोकन मनी के तौर पर दिए गए थे। परीक्षा के रिजल्ट आ जाते और अभ्यर्थी पास हो जाता तब दस लाख रुपए दिए जाते। 

अभ्यर्थी भी भेजे जाएंगे जेल 
डॉ. अवध बिहारी ने प्रयागराज निवासी साहिल सोनकर, अमित ने सीतापुर निवासी शैलेश और राकेश ने अनूप पटेल की जगह परीक्षा दी थी। एसपी ने बताया की पुलिस टीमों को प्रयागराज और सीतापुर भेजा गया है। जिन अभ्यर्थियों की जगह इन लोगों ने परीक्षा दी है, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही उनके परिजनों की भूमिका के बारे में भी जानकारी ली जाएगी की आखिरकार इतने रुपए की डील उनके संज्ञान में थी भी की नहीं।
 
भोलाशंकर की तलाश में छापेमारी
इस गिरोह का सरगना लोहावन मथुरा निवासी भोलाशंकर है। एसपी ने बताया कि उसकी लोकेशन शहर के बाहर मिली है। टीमों को रवाना किया गया है। भोलाशंकर के पकड़े जाने के बाद इस मामले में पुलिस को और भी कई बड़े लिंक मिलेंगे। जिसमें वे लोग भी शामिल हैं जो कहीं न कहीं एजेंसियों में बड़ी कुर्सी पर बैठे हैं। 

रिकॉर्डिंग बनेगी अहम सबूत
एसपी ने बताया कि भोलाशंकर से गिरफ्तार आरोपितों की कॉल करने वाली फोन एप्लीकेशन से बात होती थी। उसे रिकॉर्ड किया जाता था। उस रिकॉर्डिंग्स के कुछ हिस्से मिले हैं, जिन्हें केस में मजबूत आधार माना जा रहा है। एसपी ने बताया कि भोलाशंकर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस केस में चार्जशीट लगाएगी। फिर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कराई जाएगी। भोला के साथ इनमें और कौन लोग शामिल हैं, उनकी सम्पत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर सम्पत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

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  • Web Title:solver gang case of Kanpur four accounts caught solver got token money