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कानपुरःनेत्रदान को लेकर समाज को आगे आने की जरूरत

नेत्रदान के बारे में जानकारी देते विशेषज्ञ

नेत्रदान को लेकर सभी लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। नेत्रदान से बड़ा कोई महादान नहीं है। अगर समाज अपनी जिम्मेदारी समझ ले तो अंधत्व को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। यह बातें डॉ. शरद वाजपेई ने कही। वह सक्षम संस्था के संयोजन में आयोजित नेत्रदान जागरूकता पर कार्यशाला में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष दो लाख लोग कार्निया के लिए वेटिंग में होते हैं। प्रतिवर्ष 20 हजार लोग इसमें नए शामिल होते हैं। डॉ. शालिनी मोहन ने कहा कि लोग रूढिवादिता के चलते नेत्रदान से पीछे हो रहे हैं। यह एक पुनीत कार्य है। इसके लिए सक्षम प्रत्येक जिले में वार्ड स्तर पर सक्षम मित्र बनाएगा जो इस मुहिम को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे। कार्यशाला का शुभारम्भ बीएसएनडी शिक्षा निकेतन बेनाझाबर में किया गया। इस मौके पर अमरजीत सिंह जनसेवक, चंचल तिवारी जीएसटी कमिश्नर, सक्षम प्रांत के अध्यक्ष डॉ. जयशंकर पाण्डेय,सुरेन्द्र मैथानी, एडीएम सिटी सतीश पाल मौजूद थे।

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  • Web Title:Society needs to come forward for eye donation