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हिन्दुस्तान नेटवर्क: सिनौली में महाभारत काल की राजकुमारी का कंकाल और शाही ताबूत मिला

खुदाई करते हुए पुरातत्व विभाग के लोग

पश्चिम यूपी के सिनौली के गर्भ से एक बार फिर पौराणिक खजाना मिला है। वहां चल रहे उत्खनन के दौरान एक कंकाल और शाही ताबूत मिला है। कंकाल के कानों में सोने के गहने मिलने से पुरातत्वविद संभावना जता रहे हैं कि यह शाही परिवार की किसी महिला या राजकुमारी का हो सकती है। इसे 4500 साल (महाभारत काल) पुराना होने का दावा भी किया गया है।

कंकाल वास्तव में एक शाही ताबूत की ऊपरी सतह पर मौजूद है। इसकी आकृति और उस पर मिले सोने के आभूषणों के आधार पर इसे किसी शाही परिवार की महिला माना जा रहा है। इस शाही ताबूत के अधिकांश हिस्से को बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन अभी इस पर और बहुत कार्य किया जाना शेष है, जिसमें टीम जुटी हुई है। इसी ताबूत के पास एक दर्जन से अधिक छोटे-बड़े आकार के मिट्टी के पात्र, लघु आकार की ताम्र निर्मित तलवार भी प्राप्त हुई है। इसी से इसके शाही परिवार की राजकुमारी होने की संभावनी भी जताई जा रही है। ताबूत की एक दिशा में अभी पुरातत्वविदों द्वारा कार्य किया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि इसमें और गहरे राज दफन हैं। निदेशक डॉ. संजय मंजुल ने कहा कि अभी कार्य चल रहा है, समय आने पर जानकारी दी जाएगी।

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भारतीय इतिहास में संशोधन को किया बाध्य : अमित राय जैन 
शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक अमित राय जैन का कहना है कि सिनौली में एक और ताबूत मिलने की बात सामने आ रही है। वर्ष 2018 में भी शाही ताबूत प्राप्त हुए थे। भारतीय उपमहाद्वीप में यह पहला अवसर है जब सिनौली से शवाधान केंद्र के साथ शाही ताबूत और युद्ध रथ प्राप्त हुए हों। इससे पहले हड़प्पा से शवाधान केंद्र पर एक साधारण किस्म का लकड़ी से निर्मित ताबूत अवश्य मिला था, लेकिन सिनौली से प्राप्त शाही ताबूत अपने आप में बेमिसाल है। यह महाभारतकालीन लगता है। 

ट्रेंच, पुरा सामग्री को बचाने के लिए बनाया अस्थाई घर
क्षेत्र में पांच दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश ने सिनौली में चल रहे उत्खनन कार्य को बुरी तरह से प्रभावित किया। लगाए गए दर्जनों ट्रेंच पर इतना अधिक पानी भर गया था कि उन्हें पंपसेट लगाकर बाहर निकालना पड़ा था। बारिश से बचने के लिए जिन ट्रेंच से पुरा सामग्री, ताबूत प्राप्त हुए हैं उनके आकार से कहीं ज्यादा बड़ा एक चलता-फिरता अस्थाई घर तैयार किया गया है। पूरी तरह से वॉटरप्रूफ इस अस्थाई घर को ट्रेंच के ऊपर कर दिया जाएगा। 

एक माह पहले तीसरे चरण का उत्खनन शुरू हुआ
बता दें कि 15 जनवरी कोर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण उत्खनन शाखा द्वितीय एवं भारतीय पुरातत्व संस्थान लाल किला दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से डॉ. संजय मंजुल, डॉ. अरविन मंजुल के निर्देशन में पूजा-अर्चना के साथ विधिवत रूप से सिनौली में तीसरे चरण का उत्खनन शुरू हुआ था। एक माह पूर्ण होने को है। अब तक यहां से एक मानव कंकाल, ताम्र निर्मित लघु एंटिना तलवार, स्वर्णनिधि, छोटे-बड़े आकार के पॉट प्राप्त हो चुके हैं।

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  • Web Title:skeleton of princess and royal coffin from mahabharata period found in sinauli in uttar pradesh