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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशलखीमपुर कांड: नंबर जारी कर SIT ने चश्‍मदीदों से की अपील-जो कुछ देखा है आगे आकर बताएं, सुरक्षा देने का किया वादा

लखीमपुर कांड: नंबर जारी कर SIT ने चश्‍मदीदों से की अपील-जो कुछ देखा है आगे आकर बताएं, सुरक्षा देने का किया वादा

लाइव हिन्‍दुस्‍तान टीम ,लखीमपुर खीरी Ajay Singh
Wed, 27 Oct 2021 01:24 PM
लखीमपुर कांड: नंबर जारी कर SIT ने चश्‍मदीदों से की अपील-जो कुछ देखा है आगे आकर बताएं, सुरक्षा देने का किया वादा

लखीमपुर हिंसा के दौरान हजारों किसानों की मौजदूगी के बावजूद सिर्फ 23 लोगों को गवाह बनाए जाने पर कल सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया था। उधर, इस मामले की जांच कर रही स्‍पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने टीम मेंबर्स के नंबर जारी कर इस कांड के चश्‍मदीदों से आगे आने की अपील की है। एसआईटी ने कहा है कि जिसने भी लखीमपुर कांड को होते देखा है वे आगे आकर अपना बयान दर्ज कराएं और यदि कोई डिजिटल सबूत है तो उसे मुहैया कराएं। 

बुधवार को एसआईटी अधिकारियों ने बताया कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि गवाहों की गोपनीयता बरकरार रहे। यदि वे चाहेंगे तो उन्‍हें सुरक्षा भी मुहैया कराई जाएगी। गौरतलब है कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही यूपी पुलिस को निर्देश दिया था कि न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट के सामने गवाहों के बयान जल्‍द दर्ज कराए। शनिवार को प्रकाशित किए गए एक विज्ञापन में एसआईटी के प्रमुख डीआईजी उपेन्‍द्र अग्रवाल सहित उसके पांच सदस्‍यों के नंबर जारी किए गए थे। एसआईटी के प्रमुख से उनके अधिकारिक मोबाइल नंबर 9454400454 पर सम्‍पर्क किया जा सकता है। एसआईटी के वरिष्‍ठ सदस्‍य एसपी सुनील कुमार सिंह का नंबर 9454400394, अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार सिंह का नंबर 9454401072, जांच अधिकारी इंस्‍पेक्‍टर विद्याराम दिवाकर का नंबर 7017496741 और सुधीर चंद्र पांडेय का नंबर 9450782977 भी जारी किया गया है। 

मंत्री पुत्र आशीष वापस जेल गया 

इस बीच मंगलवार की शाम केंद्रीय गृहराज्‍य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे और लखीमपुर कांड के मुख्‍य आरोपी आशीष मिश्रा को चिकित्‍सकीय जांच के बाद जिला अस्‍पताल से वापस जेल भेज दिया गया है। उसे शनिवार को जिला अस्‍पताल लाया गया था। मेडिकल जांचों से पता चला कि उसका ब्‍लड शुगर स्‍तर खतरनाक स्‍तर तक पहुंच गया था। उसके डेंगू की चपेट में होने की भी पुष्टि की गई। इसके पहले एसआईटी ने मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट लखीमपुर खीरी की अदालत में एक अर्जी लगाई थी। कोर्ट ने मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी से पूछा था कि आशीष मिश्रा का इलाज जेल के अस्‍पताल में क्‍यों नहीं हो सकता। 

तीन अक्‍टूबर को हुआ था लखीमपुर कांड

गौरतलब है कि तीन अक्‍टूबर को लखीमपुर उस वक्‍त हिंसा भड़क गई थी जब एक थार जीप ने चार किसानों को कुचलकर मार डाला था। यह जीप आशीष मिश्रा की थी। हिंसा में चार किसानों के अलावा दो भाजपा कार्यकर्ता शुभम मिश्रा और श्‍याम सुंदर, पत्रकार रमन कश्‍यप और आशीष मिश्रा का ड्राइवर हरिओम मिश्रा मारे गए थे। इस मामले में तिकुनिया थाने में अलग-अलग दो एफआईआर दर्ज हैं। एक में चार किसानों को कुचलकर मार डालने और दूसरी में चार लोगों की हत्‍या का आरोप लगाया गया है। 

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