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Hindi News उत्तर प्रदेशमोदी की फोटो वाली टी-शर्ट और नमो नंबर प्लेट की बाइक; श्याम रंगीला ने कबूला- 2016 तक वो भी ट्रोलर्स थे

मोदी की फोटो वाली टी-शर्ट और नमो नंबर प्लेट की बाइक; श्याम रंगीला ने कबूला- 2016 तक वो भी ट्रोलर्स थे

नामांकन रद होने के बाद श्याम रंगीला ट्रोल होने लगे। जब उन्होंने ट्रोलर को जवाब दिया तो एक खुलासा भी कर दिया। श्याम रंगीला ने कहा कि कभी वह भी ट्रोलर थे। 2016 से पहले वह खुद लोगों को ट्रोल करते थे।

मोदी की फोटो वाली टी-शर्ट और नमो नंबर प्लेट की बाइक; श्याम रंगीला ने कबूला- 2016 तक वो भी ट्रोलर्स थे
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,वाराणसीThu, 16 May 2024 11:14 PM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने का ऐलान करने के बाद स्टैंड अप कॉमेडियन श्याम रंगीला पिछले कुछ दिनों से चर्चा में छाए हुए हैं। लगातार चार दिनों तक वाराणसी कलक्ट्रेट के बाहर से उनका वीडियो वायरल होता रहा। इसमें वह नामांकन फार्म भरने से रोकने का आरोप लगाते रहे। अंतिम दिन किसी तरह नामांकन भरने में कामयाब हुए तो बुधवार की रात जांच में पर्चा रद होने पर फिर सुर्खियां बन गए। वह पल पल की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर डालते रहते। इस दौरान उनके समर्थकों से ज्यादा विरोधियों के निशाने पर भी रहते। नामांकन रद होने के बाद तो वह जबरदस्त ट्रोल होने लगे। जब उन्होंने ट्रोलर का जवाब दिया तो एक खुलासा भी कर दिया। श्याम रंगीला ने कहा कि कभी वह भी ट्रोलर थे। 2016 से पहले वह खुद लोगों को ट्रोल किया करते थे। 

श्याम रंगीला ने एक्स पर अपनी पुरानी फोटो के साथ इस बारे में लिखा है। जो फोटो उन्होंने डाली में पहनी टी-शर्ट पर पीएम मोदी का चेहरा बना हुआ है। यही नहीं, उनके पास खड़ी बाइक के नंबर प्लेट पर नमो यानी नरेंद्र मोदी का शार्ट फार्म लिखा है। फोटो के साथ रंगीला ने लिखा कि मुझे ट्रॉल करने वाले एक दो अकाउंट पर आज नज़र पड़ गई तो मुझे दस साल पहले का श्याम सुंदर याद आ गया।  फिर क्या, लगा पुरानी तस्वीरों को देखने। मुझे उनकी सोच और काम करने का तरीका अच्छे से पता है क्योंकि मैंने खुद 2016 तक ये सब किया करता था। फिर सोचा एक फोटो तो डाल ही दूं ताकि लोग ऐसा ना बोलें की रंगीला भी फेंकता है। अंत में उन्होंने लिखा कि ट्रोलर्स भी पुराने भाई है अपने। 

पहले मोदी के कट्टर समर्थक फिर समर्थकों के निशाने पर 
श्याम रंगीला का असली नाम श्याम सुंदर है। वह राजस्थान के रहने वाले हैं। श्याम सुंदर ने 2012 में 12वीं पास करने के बाद जयपुर से एनिमेशन का कोर्स किया। इसी दौरान उन्होंने मिमिक्री करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते वह इतने फेमस होने लगे कि इसे पेशा बना लगा। श्याम रंगीला के नाम से 'ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज' शो के जरिए चर्चा में आए। इसी समय पीएम नरेंद्र मोदी की मिमिक्री शुरू कर दी थी। रंगीला का कहना है कि मोदी की मिमिक्री के कारण उन्हें चैनलों ने रिजेक्ट करना शुरू कर दिया था। 

रंगीला के अनुसार मैं 2016 तक मोदी का बहुत बड़ा समर्थक था। उस समय मैं भी एक भक्त था, जो अक्सर उनके समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था। जब मुझे द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज के लिए चुना गया तो मुझे बहुत खुशी हुई। उस शो के लीक हुए वीडियो से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेरी मिमिक्री को बहुत सराहा जाता है। लेकिन उस वीडियो को टेलीविजन पर कभी प्रसारित नहीं किया गया क्योंकि चैनल ने मुझे बताया कि उन्हें सरकार के लोगों से मंजूरी नहीं मिली थी।

इस प्रकरण के बाद मैं टूट गया था। उस दिन मैने सोचा था कि मैं केवल मोदी जी की नकल कर रहा हूं। मेरी कॉमेडी से किसी को नुकसान भी नहीं हो रहा है। फिर मेरी कॉमेडी क्यों हटा दी गई? यहां व्यंग्य या हास्य की समझ का अभाव था। चैनल वालों ने कहा कि यहां यह नहीं चलती है। इसके बाद यूट्यूब पर वीडियो बनाने लगा। मुझे ज्यादा शो नहीं मिलते क्योंकि जब आप राजनीतिक कॉमेडी करते हैं तो कोई सरकार पसंद नहीं करती।

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