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Hindi News उत्तर प्रदेशयूपी के इन बिजली उपभोक्ताओं को झटका, अब बढ़ जाएगा बिल

यूपी के इन बिजली उपभोक्ताओं को झटका, अब बढ़ जाएगा बिल

यूपी के इन बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगेगा। इनकी बिजली महंगी हो जाएगी। शहरी सीमा से लगें गांवों के बिजली उपभोक्ताओं को अब शहरी दर पर बिजली का बिल देना होगा।

यूपी के इन बिजली उपभोक्ताओं को झटका, अब बढ़ जाएगा बिल
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखनऊSun, 16 Jun 2024 05:27 AM
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शहरी सीमा से लगें गांवों के बिजली उपभोक्ताओं को अब शहरी दर पर बिजली का बिल देना होगा। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निदेशक मंडल ने इस आशय का आदेश जारी किया है। जिसमें शहरी सीमा से लगे वे ग्रामीण क्षेत्र जिसे शासन ने उच्चीकृत कर शहरी सीमा में लेने का फैसला लिया है। इन क्षेत्रों के विद्युत फीडरों का ग्रामीण स्टेटस समाप्त कर शहरी फीडर घोषित करने का आदेश दिया है। इन फीडरों से जुड़े सभी ग्रामीण उपभोक्ताओं से शहरी दर से बिजली बिल की वसूली की जाएगी।

फीडर स्टेट्स बदलने पर शहरी शिड्यूल से बिजली भी देंगे
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के निदेशक मंडल ने इस आशय का आदेश शुक्रवार को जारी किया। आदेश में लिखा गया है कि प्रदेश में बढ़ते शहरीकरण तथआ शासन द्वारा क्षेत्रों का उच्चीकरण किए जाने को ध्यान में रखते हुए ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों के फीडरों को शहरी फीडर घोषित किया जाए। शहरी फीडर घोषित करने के साथ ही यूपी एसएलडीसी द्वारा घोषित शहरी क्षेत्रों के शिड्यूल के मुताबिक बिजली दी जाए और उपभोक्ताओं से शहरी दर पर बिजली बिल लिए जाएं। 

ग्रामीण फीडर से जुड़े हजारों गांव आएंगे इसकी जद में
गौरतलब है कि इसकी जद में हजारों गांव आएंगे। इस फैसले से लाखों की तादाद में ग्रामीण विद्युत उपभोक्ता प्रभावित होंगे। पावर कारपोरेशन प्रबंधन के इस फैसले में वे सभी क्षेत्र आएंगे जिन्हें हाल के वर्षों में शासन ने नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत की सीमा में शामिल किया है। बताया तो यह भी जा रहा है कि इन गांवों के साथ ही वे गांव भी इसकी जद में आएंगे जो शहरी सीमा में शामिल नहीं हैं लेकिन शहर से लगे हुए हैं और फीडर स्टेटस बदले जाने से वे शहरी फीडर का हिस्सा होंगे। 

उपभोक्ता परिषद इस फैसले के खिलाफ लड़ाई लड़ेगा
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि निदेशक मंडल के इस फैसले के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी। जब देश में विद्युत उपभोक्ता अधिकार कानून-2020 लागू हो गया है इसकी धारा 10 में सभी को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति का प्रावधान है, फिर उत्तर प्रदेश में शहरी आपूर्ति और ग्रामीण आपूर्ति के आधार पर बिजली दरें लागू करने की बात क्यों हो रही है। प्रदेश में 2.85 करोड़ ग्रामीण विद्युत उपभोक्ता हैं। परिषद ने पहले से ही सप्लाई टाइप बदलकर उपभोक्ताओं से गलत तरीके से बिल वसूली की याचिका लगा रखी है, फिर नियामक आयोग का दरवाजा खटखटाया जाएगा। इस मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की है। 

सिर्फ शहरी बिजली के नाम पर ग्रामीणों को अमीर मानना गलत
परिषद ने कहा आज भी गांव में फीडरों से जुड़े क्षेत्रों का दायरा बहुत बड़ा है। सब स्टेशनों का कार्यक्षेत्र भी बड़ा है।  ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरीके से कृषि पर आधारित है ऐसे में केवल शहरी शिड्यूल से बिजली देकर उन्हें अमीर किस श्रेणी में लाना पूरी तरह असंवैधानिक है।

यूपीपीसीएल चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने यह आदेश सिर्फ उन क्षेत्रों के लिए जो ग्रामीण क्षेत्र शहरी सीमा से लगे हैं। जिन्हें शासन ने शहरी सीमा में शामिल कर लिया है। ऐसे क्षेत्रों के विद्युत फीडर को शहरी फीडर घोषित किए जाने का आदेश है। इन क्षेत्रों को शहरी क्षेत्रों के मुताबिक बिजली भी देने का आदेश है।