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पुंछ आतंकी हमले में शाहजहांपुर के सिपाही सारस सिंह भी शहीद, कल ही हुई थी पत्नी औऱ मां से बातचीत

शाहजहांपुर संवाददाताPublished By: Yogesh Yadav
Mon, 11 Oct 2021 11:38 PM
पुंछ आतंकी हमले में शाहजहांपुर के सिपाही सारस सिंह भी शहीद, कल ही हुई थी पत्नी औऱ मां से बातचीत

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सोमवार को आंतकियों से मुठभेड़ में पांच सैनिक शहीद हो गए। इनमें शाहजहांपुर के सिपाही सारस सिंह भी शामिल हैं। सारस सिंह की मुठभेड़ से एक दिन पहले ही मां और पत्नी से फोन पर बातचीत हुई थी। फिलहाल बेटे के शहीद होने की जानकारी मां से छिपाई गई है। हृदय रोग से पीड़ित होने के कारण परिवार ने मां से यह खबर छिपाई हुई है। सारस सिंह शाहजहांपुर के बंडा के निवासी थे। 26 वर्षीय सारस सिंह पांच साल पहले सेना में शामिल हुए थे। जम्मू के कपोड़ा में उनकी तैनाती थे। जून महीने में छुट्टी पर सारस घर आए थे। 

सोमवार को पुंछ में आतंकवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन के दौरान जेसीओ समेत 5 सैनिक शहीद हो गए। सूत्रों के मुताबिक सैनिकों की यह शहादत उस वक्त हुई, जब एक टुकड़ी आतंकवादियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन कर रही थी। इसी दौरान आतंकवादियों ने घात लगाकर सैनिकों की टुकड़ी पर हमला कर दिया। फिलहाल भारतीय सेना की ओर से अतिरिक्त फोर्स को मौके पर भेजा गया है और इलाके की घेराबंदी कर ली गई है। हमलावर आतंकियों से मुठभेड़ जारी है।

अख्तियारपुर धौकल गांव के निवासी नक्षत्र सिंह और परमजीत कौर के तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा गुरप्रीत सिंह, दूसरे नंबर का पुत्र सुखवीर सिंह और सबसे छोटा 26 वर्षीय सारज सिंह सेना में हैं। सारज सिंह पांच साल पहले सेना में तैनाती पाई थी। सबसे पहले वह फिरोजपुर पंजाब में 16 आरआर में तैनात रहे। उसके बाद जम्मू के सुरनकोट में ज्वाइन किए। वहां पर सोमवार को पाकिस्तान से आए आतंकियों ने घात लगाकर हमला कर दिया। आतंकियों ने उस समय हमला किया, जब सैनिक पुंछ के चमरेर इलाके के जंगल में आतंकियों की तलाशी के लिए अभियान चला रहे थे। हमले में एक जेसीओ और चार सैनिक शहीद हो गए। इसमें एक सिपाही सारज सिंह भी थे। उनकी शहादत की खबर सोमवार देरशाम को बंडा के अख्तियारपुर गांव पहुंची। भाई सुखवीर सिंह ने घर की महिलाओं तक यह खबर नहीं पहुंचने दीं। भाई की शहादत की खबर सुनकर सुखवीर सिंह को गहरा आघात पहुंचा, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला।

मां परमजीत हृदयरोगी, नहीं दी सूचना

फौजी सारज सिंह की मां परमजीत कौर हार्ट की मरीज हैं। कोई दुख भरी खबर उनके लिए काफी घातक सिद्ध हो सकती हैं। सारज सिंह के शहीद होने की खबर घर तक नहीं पहुंचने दी गईं। मीडिया कर्मियों को भी घर से आधा किलोमीटर दूर रोक लिया गया। बोले कि मां को खबर लग गईं तो वह यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाएंगी। सारज सिंह शव बुधवार को लाया जाएगा।Ñ

दिसम्बर में छुट्टी पर आने वाले थे सारज सिंह

बंडा। सारज सिंह की शादी एक वर्ष पहले शाहबाद की रजविंदर कौर से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही सारज की वापसी हो गई थी। जून में घर आए थे। एक माह तक घर पर रुके थे। उनके साले की दिसम्बर में शादी होनी है। पत्नी रजविंदर कौर रविवार को शाहबाद चलीं गई थी। साले की शादी में ही सारज सिंह ने छुट्टी लेने की बात कही थी, लेकिन उससे पहले ही उनकी शहादत हो गई। 

रविवार को मां से हुई थी बात, पूछा था हालचाल 

बंडा। सेना में सिपाही सारज सिंह रेगुलर अपनी मां और पत्नी से फोन पर बात कर हालचाल जरूर लेता था। रविवार सुबह भी उनकी मां से फोन पर बात हुई थी। सुबह नौ बजे आए फोन में सारज ने मां से तबीयत पूछी थी। उसके बाद पत्नी से भी बात की थी। सोमवार को पूरे दिन सारज का फोन  नहीं आया तो मां परेशान थी। वह कई बार फोन ट्राई कर चुकी थीं, लेकिन फोन बंद बता रहा था। ड्यूटी पर होने के चलते फोन आन नहीं था। काल नहीं लगने से मां का मन अनहोनी के चलते काफी अशांत था।

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