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उत्तर प्रदेशमेडिकल कॉलेजों में 1900 से बढ़ाकर 5800 की जाए बेडों की संख्या : सीएम योगी

लखनऊ। प्रमुख संवाददाताPublished By: Dinesh Rathour
Mon, 24 May 2021 11:29 PM
मेडिकल कॉलेजों में 1900 से बढ़ाकर 5800 की जाए बेडों की संख्या : सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए  हैं कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी मेडिकल कॉलेजों में पीआईसीयू और एनआईसीयू स्थापना को तेजी से पूरा किया जाए। सभी 58 मेडिकल कॉलेजों में 100-100 बेड के पीआईसीयू स्थापित किए जाने हैं। इसके साथ 50 बेड का एनआईसीयू भी हो। वर्तमान में 1900 बेड की क्षमता है, इसने 5800 तक बढ़ाया जाना है।

मरीजों की संख्या में 75% कमी
मुख्यमंत्री ने सोमवार को कोविड-19 प्रबंधन के लिए गठित टीम-9 की वर्चुअल बैठक के दौरान यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट का मंत्र कारगर सिद्ध हो रहा है। आजमगढ़, बांदा, जालौन सहित सभी जिले के सरकारी अस्पताल जहां 300-400 बेड हैं। वहां न्यूनतम 700-800 बेड किए जाएं। दैनिक केस में लगातार कमी आ रही है। प्रदेश में अब 76,703 एक्टिव कोरोना मरीज हैं। पीक स्थिति 30 अप्रैल के सापेक्ष 24 दिन के भीतर मरीजों की संख्या में 75.3 फीसदी की कमी आई है। कोरोना पर अब तक 1577729 लोगों ने जीत प्राप्त की है। प्रदेश के रिकवरी दर 94.8% तक पहुंच गया है। विगत 24 घंटों में कोविड संक्रमण के 3,981 केस सामने आए हैं, जबकि इसी अवधि में 11,918 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए हैं। बीते 24 घंटे में 326399 टेस्ट किए गए। प्रदेश में अब तक 47063616 टेस्ट किए जा चुके हैं।

उद्योगों को ऑक्सीजन की अनुमति
उन्होंने कहा कि टेलीकन्सल्टेशन में चिकित्सकों और फोन लाइन संख्या में बढ़ाई जाए। वरिष्ठ अनुभवी व बुजुर्ग चिकित्सकों को आग्रह के साथ इससे जोड़ा जाए। प्रदेश में स्वीकृत 414 ऑक्सीजन प्लांट में 51 चालू हो गए हैं। प्लांट्स के लिए रॉ मैटेरियल की उपलब्धता हो या सिविल वर्क समय से पूरे किए जाएं। ऑक्सीजन उपलब्धता की स्थिति को देखते हुए औद्योगिक इकाइयों को ऑक्सीजन उपयोग की अनुमति दी जानी चाहिए।

आईटीआई पास युवाओं को प्रशिक्षण दें
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखी जाए। ग्राम प्रधानों, सदस्यों के शपथ ग्रहण और ग्राम पंचायत की पहली बैठक कोविड प्रोटोकॉल के तहत हो और जुलूस व सभा का आयोजन न होने दिया जाए। टेक्नीशियन के लिए आईटीआई व स्किल डवलपमेंट सेंटर से युवाओं का चयन कर उन्हें भी प्रशिक्षण दिलाया जाए। सभी डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में ‘पोस्ट कोविड वार्ड’ तैयार किया जाए।

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