ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेशसीटें घटीं पर ओबीसी पर BJP का फोकस उतना ही, समझें मोदी 3.0 का जातीय गणित 

सीटें घटीं पर ओबीसी पर BJP का फोकस उतना ही, समझें मोदी 3.0 का जातीय गणित 

BJP Focus on OBC: अपनी राजनीति के केंद्र में ओबीसी को रखने वाली भाजपा ने इस बार सीटें घटने के बावजूद ओबीसी की भागीदारी बहुत नहीं घटने दी। मगर अगड़ों की भागीदारी पर इसका प्रभाव जरूर पड़ा है।

सीटें घटीं पर ओबीसी पर BJP का फोकस उतना ही, समझें मोदी 3.0 का जातीय गणित 
narendra modi takes pm oath today
Ajay Singhविशेष संवाददाता,लखनऊMon, 10 Jun 2024 07:55 AM
ऐप पर पढ़ें

BJP's focus on OBC: वर्ष 2014 से 2024 के बीच हुए तीन लोकसभा चुनावों में भाजपा की सीटें कम होती गईं। इसका सीधा असर सत्ता में जातीय प्रतिनिधित्व पर भी दिखाई दिया। अपनी राजनीति के केंद्र में ओबीसी को रखने वाली भाजपा ने इस बार सीटें घटने के बावजूद ओबीसी की भागीदारी बहुत नहीं घटने दी। मगर अगड़ों की भागीदारी पर इसका प्रभाव जरूर पड़ा है। 2014 में टीम मोदी में जहां दो ब्राह्मण चेहरे थे, वो 2024 में घटकर एक रह गया है जबकि क्षत्रिय भागीदारी को बरकरार रखा गया है। राजनाथ सिंह के साथ कीर्तिवर्धन का नाम भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को क्षत्रियों की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।

2014 में भाजपा ने 71 और एनडीए ने 73 सीटें जीती थीं। तब मोदी सरकार में यूपी से 15 चेहरे शामिल किए गए थे। इसमें पीएम मोदी सहित छह ओबीसी थे। 2019 में भाजपा 62 और एनडीए 64 सीटें जीता था। तब भी 15 मंत्री यूपी के थे और ओबीसी की भागीदारी को यथावत रखा गया। इस बार भाजपा को 33 और एनडीए को 36 सीटें मिली हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पांच ओबीसी चेहरे शामिल हैं। जहां तक क्षत्रियों का सवाल है तो मोदी-1.0 और मोदी-2.0 में इनकी संख्या 2-2 रही। दोनों सरकारों में राजनाथ सिंह और जनरल वीके सिंह को शामिल किया गया था। 

जहां तक ब्राह्मणों का सवाल है तो 2014 में टीम मोदी में कलराज मिश्रा और डा. महेश शर्मा के रूप में दो चेहरे शामिल थे। 2019 में यह संख्या 2 ही रही। तब डा. महेंद्रनाथ पांडेय और अजय मिश्रा टेनी को स्थान मिला। अब 2024 में ब्राह्मणों के इकलौते चेहरे के रूप में जितिन प्रसाद को जगह दी गई है जबकि कानपुर, फर्रुखाबाद, झांसी, देवरिया सहित प्रदेश की दो दर्जन से अधिक सीटों पर ब्राह्मण निर्णायक स्थिति में हैं। वहीं दलितों की बात करें तो 2014 में मोदी मंत्रिमंडल में रामशंकर कठेरिया यूपी से इकलौता दलित चेहरा थे। 2019 में कौशल किशोर, एसपी सिंह बघेल और भानू प्रताप वर्मा के रूप में तीन चेहरे शामिल किए गए। इस बार एसपी सिंह बघेल और कमलेश पासवान के रूप में दो नाम शामिल किए गए हैं।

2014 में भाजपा को यूपी से सीटें मिलीं-71, एनडीए को 73
2014 में मोदी सरकार में यूपी के 15 चेहरे
नरेंद्र मोदी-प्रधानमंत्री
कैबिनेट मंत्री-राजनाथ सिंह, उमा भारती, मेनका गांधी, स्मृति ईरानी, कलराज मिश्र, 
स्वतंत्र प्रभार-संतोष गंगवार, जनरल वीके सिंह, महेश शर्मा
राज्यमंत्री-मनोज सिन्हा, संजीव बालियान, मुख्तार अब्बास नकवी, रामशंकर कठेरिया, साध्वी निरंजन ज्योति, अनुप्रिया पटेल

2014 में जातीय स्थिति
ब्राह्मण- दो (कलराज मिश्र व महेश शर्मा)
ठाकुर- 2 (राजनाथ सिंह व जनरल वीके सिंह)
कुर्मी-  2 (संतोष गंगवार, अनुप्रिया पटेल)
लोध- 1 (उमा भारती)
निषाद-1 (साध्वी निरंजन ज्योति)
जाट-1  (संजीव बालियान)
पारसी- 1 (स्मृति ईरानी)
मुस्लिम-1 (मुख्तार अब्बास नकवी)
भूमिहार-1 (मनोज सिन्हा)
दलित- 1 (रामशंकर कठेरिया)
सिख-1( मेनका गांधी)

2019 में यूपी में भाजपा को सीटें मिलीं-62, एनडीए को मिलीं-64

2019 में केंद्र में यूपी के 15 चेहरे
नरेंद्र मोदी-प्रधानमंत्री
कैबिनेट मंत्री-राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, डा. महेंद्रनाथ पांडेय
स्वतंत्र प्रभार-हरदीप सिंह पुरी 
राज्यमंत्री-अजय मिश्रा टेनी, कौशल किशोर, पंकज चौधरी, बीएल वर्मा, जनरल वीके सिंह, साध्वी निरंजन ज्योति, भानू प्रताप वर्मा, एसपी सिंह बघेल, अनुप्रिया पटेल, संजीव बालियान

2019 में जातीय स्थिति
ब्राह्मण-2 (महेंद्रनाथ पांडेय, अजय मिश्रा टेनी)
ठाकुर-2 (राजनाथ सिंह, जनरल वीके सिंह)
कुर्मी-2 (अनुप्रिया पटेल और पंकज चौधरी)
जाट- 1 (संजीव बालियान)
लोध- 1 (बीएल वर्मा)
निषाद- 1 (साध्वी निरंजन ज्योति)
दलित- 3 (भानू प्रताप वर्मा, कौशल किशोर व एसपी सिंह बघेल)
पारसी- 1 (स्मृति ईरानी)
सिख- 1 (हरदीप पुरी)