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22 जनवरी को वाराणसी में नाव की फ्री सवारी, नाविकों ने किया बड़ा ऐलान, कई और तैयारियां भी

राममंदिर के उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को वाराणसी के नाविकों ने बड़ा ऐलान किया है। 22 जनवरी को सभी नाव फ्री होंगे। नाविक फ्री में लोगों को नाव की सवारी कराएंगे।

22 जनवरी को वाराणसी में नाव की फ्री सवारी, नाविकों ने किया बड़ा ऐलान, कई और तैयारियां भी
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,वाराणसीWed, 10 Jan 2024 06:26 PM
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अयोध्या में राममंदिर का उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होने जा रही है। इसके लिए भव्य तैयारियां की जा रही हैं। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 22 जनवरी को को राष्ट्रीय उत्सव का दिन बताते हुए स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है। अब वाराणसी के नाविकों ने उस दिन नाव की सवारी फ्री में ही कराने की घोषणा कर दी है। इस घोषणा से वाराणसी आने वाले पर्यटकों को तो राहत मिलेगी ही स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी होने के कारण बड़ी संख्या में काशी के लोग परिवार के साथ तफरी के लिए गंगा घाट पहुंचने का प्लान बनाने लगे हैं। 

काशी के नाविक समाज का कहना है कि त्रेतायुग में निषादराज ने भगवान राम को बिना उतराई लिए गंगा पार कराई थी। उसे ध्यान में रखते हुए काशी के माझी समाज ने भी बिना उतराई लिए रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन सैलानियों को गंगा पार कराने और फ्री में ही नाव की सवारी का निर्णय किया है। अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर काशी का माझी समाज सैलानियों को निशुल्क नौकायन कराएगा। मंगलवार को मां गंगा निषादराज सेवा न्यास की बैठक में इस बारे में फैसला लिया गया।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन नाविक समाज की ओर से शोभायात्रा निकालने का फैसला भी लिया गया है। दशाश्वमेध घाट पर सभी 84 घाटों के नाविकों ने एक बैठक की और फिर इन फैसलों पर सभी ने अपनी सहमति जताई। मां गंगा निषाद राज सेवा न्यास के अध्यक्ष प्रमोद मांझी ने कहा कि 22 जनवरी को पूरे दिन निशुल्क नौका संचालन होगा। लोग वाराणसी में एक कोने से दूसरे कोने यानी अस्सी से राजघाट या फिर गंगा उस पार बिना कोई शुल्क दिए आ-जा सकते हैं।

84 के नाविकों की बैठक में ये भी तय हुआ कि निषाद समाज 22 जनवरी को ही दोपहर 12 बजे राजघाट से अस्सी घाट तक शोभायात्रा निकालेगा। इसमें 500 से अधिक नावें शामिल होंगी। सबसे पहले भगवान राम के बाल स्वरूप के चरण धोकर नाव में विराजमान कराया जाएगा। 

राम व निषाद सेवा के रूप में मनाएंगे प्राण प्रतिष्ठा दिवस
नाविक समाज के लोगों ने 22 जनवरी को भगवान राम व निषादराज सेवा दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है। इस दिन नावों को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। उस पर राम ध्वज लगाए जाएंगे। शंभु मांझी ने कहा कि भगवान राम निषादराज के आराध्य देव हैं। इस दिन भगवान राम और निषादराज का सुमिरन किया जाएगा। शोभायात्रा में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता के बाल स्वरूप और निषादराज के स्वरूप आकर्षण के केंद्र होंगे।

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