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समाजवादी पार्टी अब नए सिरे से संगठन को देगी मजबूती

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव अब संगठन में निष्क्रिय और लापरवाह पदाधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी में हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है जिन्होंने लोकसभा चुनाव में बेमन से काम किया और प्रचार में लगने के बजाए घर बैठ गए। समाजवादी पार्टी के सूत्र बताते हैं कि अब इन पर भी गाज गिरनी है। माना जा रहा है कि ऐसे लोग अब प्रदेश व जिलों की बनने वाली कमेटी से बाहर होंगे। फ्रंटल युवा संगठनों की कमेटियों से उन्हें दूर रखा जाएगा।

असल में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद से विभिन्न स्तरों पर बसपा के साथ गठबंधन व हार के कारणों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, प्रत्याशियों व आम कार्यकर्ताओं से अलग-अलग मौकों पर विभिन्न जिलों में जाकर फीडबैक लिया। उन्हें बताया गया कि कई जगह टिकट न मिलने या गठबंधन को सीट चले जाने से तमाम नेता व कार्यकर्ता उदासीन होकर घर बैठ गए। कुछ स्थानीय स्तर पर भाजपा प्रत्याशी का समर्थन करने लगे।

सपा को बदायूं, फिरोजाबाद व कन्नौज जैसी सीटें हारने का खासतौर पर झटका लगा है। यहीं नहीं कुछ लोगों पर शिवपाल यादव की पार्टी प्रसपा के संपर्क में रहने का आरोप है। खासतौर पर इटावा व फिरोजाबाद में।  पार्टी के यूपी से तीन राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, सुरेंद्र नागर व संजय सेठ के भाजपा में चले जाने से भी पार्टी को झटका लगा है। कुछ और नेताओं के भाजपा का दामन थामने की चर्चा है। ऐसे में सपा संगठन की नए सिरे से ओवरहालिंग कर नए पदाधिकारी बनाएगी। पार्टी की अब अगली परीक्षा विधानसभा उपचुनाव है। इसमें वह प्रतिष्ठा बचाने के लिए पूरी शिद्दत से चुनाव लड़ना चाहती है। साथ ही शानदार प्रदर्शन के जरिए भाजपा के साथ-साथ बसपा को भी जवाब देने की कोशिश करेगी। 

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  • Web Title:Samajwadi Party will now strengthen the organization from scratch