DA Image
27 फरवरी, 2021|12:06|IST

अगली स्टोरी

गोरखपुर: किसानों के समर्थन में सड़क पर उतरे सपाई और कांग्रेसी, कई गिरफ्तार 

किसान आंदोलन के समर्थन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता सोमवार को गोरखपुर में जगह-जगह सड़क पर उतरे। इस बीच प्रदर्शन के मद्देनज़र कल से चौकन्‍नी पुलिस ने सपा के जिलाध्‍यक्ष नगीना प्रसाद साहनी, नगर अध्‍यक्ष जियाउल इस्‍लाम सहित पार्टी के कई नेताओं को गिरफ्तार कर दिया। कांग्रेस जिलाध्‍यक्ष निर्मला पासवान के घर पुलिस तैनात रही। उन्‍होंने आरोप लगाया कि उन्‍हें घर से निकलने नहीं दिया जा रहा है। बाद में पुलिस उन्‍हें हिरासत में लेकर थाने ले आई। 

सपा नेता सुनील सिंह को भी उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। सपा के नेता और वार्डं नंबर 20 गिरधरगंज से पार्षद प्रतिनिधि राघवेंद्र प्रताप सिंह को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उधर, नगर निगम पहुंचे कई सपाइयों को पुलिस गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले गई। पुलिस लाइन में बैनर लगाकर सभा कर रहे सपाइयों से पुलिस की झड़प भी हुई। सपाइयों ने पुलिस लाइन में ही सभा शुरू कर दी। 

गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस तो FB लाइव कर नारे लगाने लगे सपा नेता 

किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन की तैयारी कर रहे समाजवादी पार्टी नेताओं की धड़पकड़ पुलिस ने शुरू कर दी है। सोमवार सुबह-सुबह सपा के निवर्तमान नगर अध्‍यक्ष जियाउल इस्‍लाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें इस्लामिया कॉलेज ग्राउंड से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद सपा नेता ने फेसबुक लाइव के जरिए प्रशासन पर जमकर भड़ास निकाली। 

पुलिस ने जिया उल इस्‍लाम को सुबह की वर्जिश के दौरान एमएसआई इंटर कालेज के मैदान से गिरफ्तार किया। सपा नगर अध्‍यक्ष उस वक्‍त ट्रैक शूट में थे। पुलिस को देखते ही उन्‍होंने जेब से मोबाइल निकाला और फेसबुक लाइव शुरू कर दिया। उन्‍होंने सरकार पर अत्‍याचार करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारे लगाने शुरू कर दिए। साथ में उनके समर्थक भी नारे लगाने लगे। किसान आंदोलन और सपा नेताओं के ऐलान के मद्देनज़र गोरखपुर में पुलिस सुबह से काफी सतर्क है। शहर के महत्‍वपूर्ण चौराहों, बाजारों और प्रतिष्‍ठानों के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात है। 

इस दौरान सपा कार्यालय औऱ नगर निगम परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सपा नेताओं के आंदोलन को लेकर पुलिस ने पार्टी के बेतियाहाता कार्यालय और नगर निगम परिसर को सुबह ही घेर लिया। बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया। पुलिस की धर-पकड़ के बीच सपा नेता चोरी-छिपे नगर निगम पहुंचने लगे हैं।

सुबह 10 बजे से किया है धरना का ऐलान 
कृषि कानून के विरोध में किसान आंदोलन के समर्थन में समाजवादी पार्टी सोमवार को सुबह दस बजे से धरना का ऐलान किया है। जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने बताया कि नगर निगम परिसर में सुबह 10 बजे से धरना शुरू होगा। उन्‍होंने पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से धरने में शामिल होने की अपील की।

सपा नेताओं ने उत्‍पीड़न का लगाया आरोप

समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी और पार्टी नेता अमरेंद्र निषाद ने कहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर 7 दिसम्बर से किसान आंदोलन के समर्थन में कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार किसान यात्राएं निकाली जा रही है। भारतीय जनता द्वारा सत्ता का दुरुपयोग कर सपा कार्यकर्ताओं का दमन और उत्पीड़न किया जा रहा है। उन पर फर्जी मुकदमें किए जा रहे हैं। पार्टी के प्रमुख नेताओं को उनके ही घरों पर नजरबंद कर दिया जा रहा है। उनके घर से निकलने पर गिरफ्तार का लिया जा रहा है।

सपा जिलाध्यक्ष रामनगीना साहनी और अमरेंद्र निषाद रविवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता का दुरुपयोग कर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। संविधान द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है। बांसगांव विधानसभा क्षेत्र में सर्वोदय किसान इंटरमीडिएट कॉलेज, कौड़ीराम में शांतिपूर्वक खड़े विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष रामअजोर मौर्या और सपा नेता रामप्रवेश यादव तथा कार्यकर्ताओं को थानाध्यक्ष बांसगांव उनकी टीम द्वारा अपमानित किया गया। जातिसूचक गालियां देते हुए बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज कर दिया गया।

इस घटना में कई लोग बुरी तरीके से घायल हो गए। इस सम्बंध में सपा प्रतिनिधि मंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलकर ज्ञापन सौंपा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी तरह गुलरिहा क्षेत्र के झूगिया बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड-19 के गाइडलाइंस का पालन करते हुए सड़क के किनारे से किसान यात्रा निकान रहे सपा कार्यकर्ताओं को थानाध्यक्ष गुलरिहा और क्षेत्राधिकारी कोतवाली द्वारा बलपूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया।

 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:samajwadi party preparing for protest in support of farmer movement against agriculture laws