ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News उत्तर प्रदेशSalempur Results 2024: सलेमपुर में सपा के रमाशंकर जीते, बीजेपी के रविंद्र कुशवाहा हारे

Salempur Results 2024: सलेमपुर में सपा के रमाशंकर जीते, बीजेपी के रविंद्र कुशवाहा हारे

Salempur Results 2024: सलेमपुर सीट से समाजवादी पार्टी के रमाशंकर राजभर 3573 वोटों से जीत गए हैं। वहीं भाजपा के रविंद्र कुशवाहा दूसरे नंबर रहे। तीसरे स्थान पर बसपा के भीम राजभर रहे।

Salempur Results 2024: सलेमपुर में सपा के रमाशंकर जीते, बीजेपी के रविंद्र कुशवाहा हारे
salempur lok sabha result bjp ravindra kushwaha samajwadi party ramashankar rajbhar
Ajay Singhलाइव हिन्‍दुस्‍तान,सलेमपुरTue, 04 Jun 2024 11:08 PM
ऐप पर पढ़ें

Salempur Results 2024: सलेमपुर संसदीय सीट पर वोटों की गिनती हो गई है। यहां से सपा के रमाशंकर राजभर 3573 वोटों के अंतर से जीत गए हैं। उन्हें 405472 वोट मिले हैं। भाजपा के रविंद्र कुशवाहा 401899 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर आ गए हैं। बसपा से भीम राजभर 80599 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर हैं। इस सीट पर वोटिंग सातवें और अंतिम चरण में एक जून को हुई थी।

7.00PM- सलेमपुर से एक बार फिर रमाशंकर राजभर आगे हो गए हैं। अबतक हुई गिनती में उन्हें 386680 वोट मिले हैं। वहीं रविंद्र कुशवाहा के खाते में 384444 वोट आए हैं।  

5.22 PM- सलेमपुर से रविंद्र कुशवाहा 1095 वोटों से आगे चल रहे हैं।

4.50 PM- सलेमपुर में अब पासा पलट गया है। कई राउंड की गिनती के बाद अब रविंद्र कुशवाहा, सपा के रामशंकर राजभर से 2289 वोटों से आगे हो गए हैं। 

1.40 PM- सपा के रमाशंकर राजभर 2130 वोटों से भाजपा के रविंद्र कुशवाहा से आगे चल रहे हैं। अब तक हुए मतगणना में राजभर को 120699 वोट मिले हैं। जबकि कुशवाहा को 118569 मिले हैं। अगर बसपा की बात करें तो भीम राजभर को 21158 वोट पड़े हैं। 

9.50 AM- सपा के रमाशंकर राजभर 1417 वोटों से भाजपा के रविंद्र कुशवाहा से आगे चल रहे हैं। 

9.00 AM- पोस्टल बैलट की गिनती में सपा प्रत्याशी रमाशंकर आगे चल रहे हैं। 

8.00 AM- सलेमपुर सीट की मतगणना शुरू हो गई है। 

भाजपा इस सीट पर पहली बार 2014 के मोदी लहर में जीती थी, जिसे उसने 2019 के संसदीय चुनाव में बरकरार रखा। इस बार उसके सामने इस सीट पर हैट्रिक लगाने की चुनौती है। इस संसदीय सीट पर 1971 के लोकसभा चुनाव तक कांग्रेस का अनवरत कब्जा रहा। इसके बाद 1977 के चुनाव में यहां से जनता पार्टी विजयी हुई। इसके बाद हुए 1980 और 1984 के दो चुनावों में कांग्रेस ने फिर से अपनी जीत दर्ज की लेकिन उसके बाद कांग्रेस के लिए इस लोकसभा क्षेत्र पर जीत के लाले पड़ गए। 1989 से इस सीट पर कभी जनता दल तो कभी सपा। कभी समता पार्टी तो कभी बसपा का कब्जा होता रहा है। 

सलेमपुर संसदीय क्षेत्र के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो आजादी के बाद हुए पहले चुनाव से 1971 में हुए लोकसभा चुनाव तक इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा। 1951 और 1957 में इस सीट से कांग्रेस के विश्वनाथ राय सांसद बने जबकि 1962 और 1967 के चुनाव में यहां से कांग्रेस के ही विश्वनाथ पाण्डे विजयी हुए। इसके बाद 1971 के आम चुनाव में भी कांग्रेस उम्मीदवार तारकेश्वर पाण्डे ने जीत दर्ज की।

आपातकाल के बाद देश में 1977 में आम चुनाव हुए, जिसमें इस निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार विपक्षी प्रत्याशी जनता पार्टी के राम नरेश कुशवाहा ने जीत दर्ज की लेकिन यह जीत अगले चुनाव में विपक्ष बरकरार नहीं रख सका। 1980 के चुनाव में फिर से कांग्रेस ने इस संसदीय क्षेत्र पर कब्जा कर लिया। कांग्रेस के राम नगीना मिश्र इस सीट से चुनाव जीत गए। उन्‍होंने इसके बाद 1984 में हुए लोकसभा चुनाव में भी अपनी जीत को बरकरार रखा। 

1984 के बाद से जीत को तरस रही कांग्रेस
इसके बाद अब तक कांग्रेस इस सीट पर जीत को तरस रही है क्योंकि 1984 के बाद यह सीट हमेशा दूसरी पार्टियों के पास रही है। वर्ष 1989 और 1991 में यहां से जनता दल विजयी रहा था। दोनों ही चुनाव में जद के हरिकेवल प्रसाद यहां से विजयी हुए थे। वर्ष 1996 में यह सीट समाजवादी पार्टी के पास चली गई। सपा के हरिवंश सहाय यहां से जीत गए लेकिन इसके बाद 1998 में हुए अगले संसदीय चुनाव में समता पार्टी यहां से विजयी हुई। समता पार्टी के हरिकेवल यहां से जीते लेकिन तत्काल बाद 1999 में हुए चुनाव में बसपा ने सलेमपुर सीट पर कब्जा कर लिया। बसपा के बब्बन राजभर यहां से चुनाव जीते। 2004 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के हरिकेवल प्रसाद यहां से जीते जबकि 2009 के आम चुनाव में इस सीट पर बसपा के रमाशंकर राजभर विजयी हुए।

2014 में खिला कमल
भाजपा के खाते में यह सीट 2014 में यानि 64 साल बाद आई। भाजपा के रविन्द्र कुशवाहा ने यहां से जीत दर्ज की। उस चुनाव में रविंद्र कुशवाहा को कुल 3,92,213 मत मिले। उन्‍होंने बसपा के रवि शंकर पप्पू को 2,32,342 मतों के अंतर से हराया।  रवि शंकर को कुल 1,59,871 मत मिले थे। उस चुनाव में सपा तीसरे और कांग्रेस  पांचवें नंबर पर रही।

2019 में हुए चुनाव में भी अपनी यह जीत बरकरार रखी। उस चुनाव में रविन्द्र कुशवाहा ने सपा-बसपा के संयुक्त प्रत्याशी आरएस कुशवाहा को 1,12,615 मतों से पराजित किया था। उस चुनाव में रविन्द्र कुशवाहा को 4,67,940 वोट मिले। जबकि बसपा के आरएस कुशवाह को 3,55,325 वोट और एसबीएसपी के राजा राम को 33,568 वोट मिले थे।    
 
बलिया और देवरिया के पांच विधानसभा क्षेत्र हैं शामिल
यह लोकसभा क्षेत्र बलिया और देवरिया जिले को काटकर बनाया गया है। इसमें बलिया के तीन तथा देवरिया की दो विधानसभा सीटें आती हैं। इस प्रकार से इस सीट के तहत पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। बांसडीह, सिकंदरपुर तथा बेल्थरा रोड बलिया में है जबकि सलेमपुर एवं भांटपाररानी देवरिया जिले में है। 2022 के विधानसभा चुनाव में इनमें से तीन भाजपा एवं शेष दो पर अल