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सांड नहीं, नंदी कहिए; जब यूपी विधानसभा में बोले अखिलेश यादव; मुस्कुराने लगे सीएम योगी

अखिलेश यादव जब सदन में बोल रहे थे, तभी उनके बगल में बैठे सपा के अन्य नेता ने सांड का जिक्र किया। इस पर अखिलेश ने जवाब दिया कि उसे सांड मत कहिए। नंदी कहिए। इस पर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा।

सांड नहीं, नंदी कहिए; जब यूपी विधानसभा में बोले अखिलेश यादव; मुस्कुराने लगे सीएम योगी
Madan Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊFri, 01 Dec 2023 09:25 PM
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उत्तर प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को यूपी के पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान, एक ऐसा भी पल आया, जब सदन में मौजूद सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता हंसने और मुस्कुराने लगे। दरअसल, अखिलेश यादव ने यूपी में सांड के विभिन्न हमलों का मुद्दा उठाया और इसी दौरान उन्होंने कहा कि सांड को नंदी कहा जाना चाहिए। इस पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके।

अखिलेश यादव जब सदन में बोल रहे थे, तभी उनके बगल में बैठे सपा के अन्य नेता ने सांड का जिक्र किया। इस पर अखिलेश ने जवाब दिया कि उसे सांड मत कहिए। नंदी कहिए। इस पर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा। इसके बाद अखिलेश ने कहा कि नेता सदन ने कहा कि सांड नंदी हैं और वे नंदी का संरक्षण कर रहे हैं। इस दौरान सीएम योगी मुस्कुराते हुए दिखाई दिए। 

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि प्रदेश में ट्रैफिक पुलिस से ज्यादा सांड दिखाई देते हैं। गौशाला में काफी दुर्दशा है। बजट के 250 करोड़ से कुछ नहीं होगा। यदि आप लोग ईमानदार हैं तो बताएं नंदी की 250 करोड़ में सेवा हो जाएगी? पुरानी घटना का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि हरदोई में सेकंड फ्लोर पर दो सांड चढ़ गए थे और सरकार को पूरी रातभर सेवा करनी पड़ी थी। सदन में बुद्धिमान लोग बैठे हुए हैं। कोई बताए कि हरदोई के सेकंड फ्लोर पर सांड कैसे चढ़ गया? तहसीलदार की जिम्मेदारी थी और सांड उसे ढूंढते हुए वहां पहुंच गया। एक सांड शरीफ था और वह उतर आया। लेकिन दूसरे सांड को उतारने के लिए हाइड्रा का इस्तेमाल करना पड़ा। 

सपा प्रमुख ने दावा किया कि गोवंश भूखे-प्यासे मर रहे हैं। गौशाला के नाम पर योगी सरकार में सिर्फ भ्रष्टाचार हो रहा है। इसको चलाने वाले लोग भाजपा से जुड़े लोग हैं और सरकारी अधिकारी मिलकर चारा-पानी तक खा -पी जा रहे हैं। बाजारों में सांड, खेतों में सांड। खेती से कितनी जानें जा चुकी हैं। जिन लोगों की खेतों में सांड की वजह से जान गई है, उनकी सरकार ने क्या मदद की है? ऐसे में 250 करोड़ से कुछ नहीं होने वाला है। यदि आप सांड को नंदी मानते हैं और सच्ची सेवा करना चाहते हैं तो 250 करोड़ नहीं पांच हजार करोड़ रुपये खर्च करने चाहिए। बिल को हम लोग टेबल बजाकर पास करवाएंगे।