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रामलला के दर्शन पर RLD का सपा से अलग रुख, भाजपा विधायकों के साथ अयोध्या जाने का फैसला

सपा के साथ तकरार और एनडीए गठबंधन में शामिल होने की अटकलों के बीच रालोद ने बड़ा कदम उठाया है। रालोद ने सपा से बिल्कुल अलग रुख अपनाते हुए 11 फरवरी को भाजपा विधायकों के साथ अयोध्या जाने का फैसला किया है।

रामलला के दर्शन पर RLD का सपा से अलग रुख, भाजपा विधायकों के साथ अयोध्या जाने का फैसला
Yogesh Yadavउमेश रघुवंशी,लखनऊThu, 08 Feb 2024 11:07 PM
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इंडिया गठबंधन को छोड़कर एनडीए में शामिल होने की अटकलों के बीच जयंत चौधरी की पार्टी ने एक बड़ा कदम उठा लिया है। रालोद ने सपा से बिल्कुल अलग रुख अख्तियार करते हुए भाजपा विधायकों के साथ 11 फरवरी को अयोध्या में रामलला का दर्शन करने जाने का फैसला लिया है। सपा ने जहां विधानसभा स्पीकर का अयोध्या चलने का न्योता ठुकरा दिया है, वहीं रालोदने इसे स्वीकार कर लिया है। अयोध्या के प्रभारी कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैबिनेट मंत्रियों के साथ उसी दिन अयोध्या का दौरा करेंगे।

रालोद विधायक दल के नेता राजपाल बालियान ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि रामलला सभी के हैं। धर्मनिरपेक्षता का मतलब हिंदुओं को गाली देना नहीं है। वहीं, राष्ट्रीय लोकदल (व्यापारी प्रकोष्ठ) के नेता रोहित अग्रवाल ने कहा कि रालोद के सभी विधायक अयोध्या जाएंगे। इस दौरान स्पीकर सतीश महाना ही अयोध्या जाने वाले विधायकों के दल का नेतृत्व करेंगे।

यूपी में समाजवादी पार्टी विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल है। कांग्रेस और आरएलडी सपा के सहयोगी और राज्य में विपक्षी दल हैं। वे आमतौर पर विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर भाजपा का विरोध करते रहते हैं। सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी का कहना है कि समाजवादी पार्टी का कोई भी विधायक 11 फरवरी को समूह के साथ नहीं जाएगा। हम अपनी सुविधा के अनुसार जाएंगे। हालांकि इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने सुझाव दिया था कि स्पीकर को 22 जनवरी को राम लला के अभिषेक समारोह में विधायकों को दर्शन के लिए ले जाना चाहिए।

शिवपाल ने अब कहा है कि सपा 11 फरवरी के समूह का हिस्सा नहीं होगी। 22 जनवरी के समारोह में विधायकों को ले जाने की उनकी मांग पूरी नहीं हुई थी। शिवपाल यादव ने कहा कि अब हम विपक्ष के नेता (अखिलेश यादव) से समाजवादी पार्टी के विधायकों के लिए 'दर्शन' के लिए एक अलग व्यवस्था करने का अनुरोध करेंगे।

हालांकि कांग्रेस ने पहले ही स्पीकर के नेतृत्व वाले समूह के साथ दर्शन करने जाने का फैसला किया है। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता अराधना मिश्रा मोना ने कहा कि हां, हमें निमंत्रण मिला है। हम दर्शन के लिए अयोध्या जाएंगे। 

इससे पहले, कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी के साथ ही लोकसभा में सदन के नेता अधीर रंजन चौधरी ने 22 जनवरी को राम मंदिर अभिषेक समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया था। 22 जनवरी के आयोजन को आरएसएस/भाजपा का कार्यक्रम बताते हुए चुनावी लाभ के लिए एक राजनीतिक परियोजना बताया था। हालांकि, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने 15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर सरयू स्नान करने के साथ राम लला के दर्शन करने का फैसला किया और दर्शन करने पहुंचे भी थे।

बहुजन समाज पार्टी ने अभी तक इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। बसपा विधायक उमा शंकर सिंह टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। 6 फरवरी को स्पीकर सतीश महाना ने कहा था कि विधानसभा के सभी सदस्यों को 11 फरवरी को भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या में आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पार्टी नेताओं ने उन्हें अयोध्या ले जाने का अनुरोध किया था।

शिवपाल सिंह यादव जी (वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता) ने भी कहा था कि अगर अध्यक्ष हमें ले जाएंगे तो हम जाएंगे। मैं आप सभी को आमंत्रित कर रहा हूं। महाना ने कहा कि सभी सदस्यों को 11 फरवरी को अयोध्या धाम आने के लिए आमंत्रित किया जाता है। सुबह 8 बजे सभी सदस्य यहां विधानसभा परिसर में आएंगे और हम सभी एक साथ जाएंगे।

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