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रेवती रमण भी अखिलेश से नाराज, सपा को लगेगा एक और झटका?अटकलों पर क्या बोले पूर्व सांसद

सपा के कद्दावर नेता रेवती रमण सिंह गठबंधन में इलाहाबाद संसदीय सीट कांग्रेस को देने पर नाराज है। लोकसभा चुनाव से पहले उनके भाजपा में शामिल होने के अटकलों पर उन्होंने अपनी बात रखी है।

रेवती रमण भी अखिलेश से नाराज, सपा को लगेगा एक और झटका?अटकलों पर क्या बोले पूर्व सांसद
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,प्रयागराजThu, 29 Feb 2024 01:01 PM
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स्वामी प्रसाद और सलीम शेरवानी के बाद सपा को एक और झटका लग सकता है। सपा के कद्दावर नेता रेवती रमण सिंह गठबंधन में इलाहाबाद संसदीय सीट कांग्रेस को देने पर नाराज दिखे। उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनसे बीते ढाई साल से बात नहीं की है। लोकसभा चुनाव से पहले उनके या उनके बेटे पूर्व विधायक उज्ज्वल रमण सिंह के भाजपा में शामिल होने के अटकलों पर उन्होंने कहा कि अभी इसकी बात नहीं हुई है। न ही भाजपा ने उसने संपर्क किया है। अगर संपर्क करेंगे तो तब की तब देखी जाएगी।

सपा-कांग्रेस गठबंधन पर पूर्व सांसद ने कहा कि इलाहाबाद संसदीय सीट कांग्रेस को देने का कोई अर्थ नहीं था। उन्होंने कहा कि यह सपा की परंपरागत सीट मानी जाती है। राजनीति में कोई भी कद्दावर नेता परंपरागत सीट नहीं छोड़ना चाहेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि उनको यह जानकारी हुई है कि कांग्रेस फूलपुर या अन्य संसदीय सीट चाहती थी। इस सवाल पर कि क्या सपा अध्यक्ष ने इस बारे में उनसे बात की, इस पर कुंवर रेवती रमण सिंह ने कहा कि नहीं। बीते ढाई साल से अखिलेश यादव की उनसे कोई बात नहीं हुई है। इसका कारण पूछने पर उन्होंने कहा कि यह तो वहीं जाने।
 
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के सवाल पर पूर्व सांसद ने कहा कि नेताओं को ऐसा नहीं करना चाहिए था। जो जिस पार्टी से चुनाव जीतता है, उसकी जिम्मेदारी होती है कि पार्टी का साथ न छोड़े, लेकिन ऐसा हुआ है तो यह अध्यक्ष और शीर्ष नेतृत्व को सोचना होगा। कहीं न कहीं प्रबंधन की कमी है। इसके कारणों पर पूछे गए सवाल के बारे में पूर्व सांसद ने कहा कि कारण सब जानते हैं। सबको को परिवार की तरह लेकर चलना चाहिए। उनको बेटा हम भी बुलाते थे। मुलायम नाराज होते तो कहते हैं इसको समझाइए। उनसे पारिवारिक संबंध है। 
 

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