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यूपी के इस जिले में खुदाई के दौरान मिले प्राचीन मूर्ति के अवशेष, 1500 साल पुराना होने का दावा

बरेली में एक मकान की नींव की खुदाई के दौरान प्राचीन मूर्ति के अवशेष मिले हैं। इतिहासकारों के मुताबिक ये गुप्तकालीन काल के हो सकते हैं। खंडित मूर्ति के साथ 3 फीट गहराई में कई घड़े भी मिले हैं।

यूपी के इस जिले में खुदाई के दौरान मिले प्राचीन मूर्ति के अवशेष, 1500 साल पुराना होने का दावा
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,बरेलीSun, 25 Feb 2024 11:15 AM
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यूपी के बरेली में एक मकान की नींव की खुदाई के दौरान प्राचीन मूर्ति के अवशेष मिले हैं। प्राचीन खंडित मूर्ति के साथ 3 फीट गहराई में कई घड़े भी मिले हैं। ग्रामीणों ने मिली प्राचीन खंडित मूर्ति को मंदिर में सुरक्षित रखवाया है। इतिहासकारों का दावा है कि यह पाषाण खंडित मूर्ति 15 सौ साल से ज्यादा पुरानी गुप्तकाल की हो सकती है। 

ये मामला फरीदपुर से सटे पचौमी गांव का है। जहां सत्यपाल मकान बनाने को खोदाई कर रहे थे। मकान की नींव खोदने के दौरान उन्हें खंडित मूर्ति दिखाई दी। खंडित मूर्ति जमीन में तीन फीट नीचे गड़ी थी। मूर्ति निकालते खंडित हो गई। सूचना मिलते ही गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। ग्राम प्रधान पति पंकज मिश्रा ने मौके से मिली खंडित मूर्ति को गांव के मंदिर में सुरक्षित रखवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि ये खंडित मूर्ति भुगवान विष्णु की लग रही है।

गांव में पहले भी मिल चुकी भगवान की मूर्तियां

पचोमी गांव में करीब 10 साल पहले मोहम्मद नूर मकान की खोदाई कर रहे थे। 3 फीट गहराई में उन्हें गुप्त काल की विष्णु भगवान की मूर्ति मिली। मूर्ति को रोहिलखंड विश्वविद्यालय के प्राचीन एवं इतिहास विभाग के म्यूजियम में सुरक्षित रखवा दिया गया। इससे पहले गांव में खोदाई के दौरान भगवान शिव की मूर्ति मिल चुकी है। अक्सर यहां खोदाई के दौरान प्राचीन अवशेष मिलते हैं। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग के अध्यक्ष डॉ. श्याम बिहारी लाल ने बताया कि पचौमी गांव में जो खंडित मूर्ति के जो अवशेष मिले हैं, वह मूर्ति के चरण हैं। पूरा हिस्सा नहीं मिला है। खंडित मूर्ति के पैरों में कड़ा है और बर्तन भी मिले हैं। ये गुप्तकाल के हैं। रविवार को गांव जाकर इन्हें सुरक्षित करेंगे।

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