रविदास जयंती: संत के जन्मस्थल काशी में लहराई 120 फुट की पताका, शुरू हुआ उत्सव, देखिये तस्वीरें औऱ VIDEO
वाराणसी में संत रविदास की 643वीं जयंती पर देश-दुनिया से जुटे उनके भक्तों ने रविदासिया धर्म का मर्म जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। माघी पूर्णिमा की तिथि पर रविवार को रविदासिया धर्म की दसवीं...

वाराणसी में संत रविदास की 643वीं जयंती पर देश-दुनिया से जुटे उनके भक्तों ने रविदासिया धर्म का मर्म जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। माघी पूर्णिमा की तिथि पर रविवार को रविदासिया धर्म की दसवीं वर्षगांठ भी पूरे उत्साह के साथ मनाई गई। विराट उत्सव की शुरुआत सुबह आठ बजे 120 फुट ऊंची पताका फहरा कर हुई।
रविदास शक्ति अमर रहे... और जो बोले सो निर्भय-सद्गुरु महाराज की जय... के गगनभेदी उद्घोष के बीच धर्म प्रमुख संत निरंजनदास ने रविदासिया धर्म की पताका पहराई। रस्सी के सहारे जैसे जैसे पताका ऊंचाई पर पहुंच रही थी वैसे वैसे रविदासी समुदाय के उत्साह का पारा भी चढ़ता जा रहा था। हवा में पताका के फहराते ही समूचा वातावरण जय गुरुदेव तन गुरुदेव के घोष से गुंजायमान होने लगा। इस बेहद खास मौके की स्मृतियों को हमेशा के लिए अपने साथ समेट लेने की चाहत में सैकड़ों नर-नारी अपने फोन के कैमरे से वीडियो रिकार्डिंग करते रहे। बहुत से ऐसे भी थे जो फेसबुक और वीडियो कॉलिंग के जरिए लगातार ऑनलाइन ही थे। गुरु की धरती पर हो रही धार्मिक गतिविधियां अपने परिजनों और मित्रों तक पहुंचा कर उन्हें दूनी खुशी मिल रही थी।
इस समारोह के करीब दो घंटे बाद सत्संग और प्रणामी सभा मुख्य पंडाल में आरंभ हुई। देश के विभिन्न हिस्सों से पधारे संतों-महात्माओं और पंजाब की कई राजनीतिक हस्तियों से सजे विशाल मंच से संत समाज ने लाखों संगत को सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। शोषित समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले संतों ने एक स्वर में स्वीकार किया कि रविदासिया धर्म सत्कर्म के सिद्धांतों पर आधारित है।
एक दशक के अथक प्रयासों का सुफल है कि रविदासिया धर्म को यूरोप के कई प्रमुख देशों द्वारा भी मान्यता प्रदान की जा चुकी है। संत रविदास की अमृतवाणी का अंग्रेजी, इटैलियन, डच, स्पेनिश, कनैडियन, जर्मन आदि विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया जाना रविदासिया धर्म की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। भारत के बाहर 16 देशों में गुरुघर की स्थापना भी की जा चुकी है। मंच पर एक तरफ विचार मंथन का दौर चल रहा था तो दूसरी ओर मंच के सामने विशाल पंडाल में लंबी कतार लगाए भक्तगण प्रणामी की रस्म निभा रहे थे।
सभा को संबोधित करने वाले संतों और राजनीतिक हस्तियों में प्रमुख रूप से संत लेखराज, संत मनदीप दास, संत सुरेंदर दास, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, जालंधर के सांसद चौधरी संतोष सिंह, पंजाब से राज्यसभा सदस्य शमशेर सिंह डुल्लो, पूर्व विधायक अविनाश चंद कनेर, एससी कमिशन के पूर्व चेयरमैन राजेश बग्गा, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार प्रमुख थे। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सोम प्रकाश केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे तो भीम आर्मी के चंद्रशेखर ने भी अमृतवाणी के आगे मत्था टेका।
झांकियों में दिखी गुरु की छवि, उमड़े भक्त
संत रविदास जयंती पर रविवार शाम ऑल इंडिया आदि धर्म मिशन के बैनर तले मैदागिन चौराहा से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें शामिल तरह-तरह की झांकियों में गुरु रविदास के जीवन के विविध पक्ष उजागर हुए। साथ ही उनके संदेश भी गूंजे। शोभायात्रा में देश-विदेश से आए अनुयायी-भक्तों ने शिरकत की। गाजे-बाजे के साथ झूम रहे भक्त सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास की जन्मस्थली पहुंचे और वहां शीश नवाया।
मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत आचार्य भारत भूषण दास के नेतृत्व में देर शाम गुरु रविदास की उपदेश स्थली मैदागिन से शोभायात्रा निकली गई। शोभायात्रा में आसपास के जिलों के अलावा बिहार हरियाणा, पंजाब के भक्तों की टोलियां गुरु की झांकी के साथ शामिल हुईं। बैंडबाजे व लॉग विमान शामिल थे। भजन मंडली भजन कीर्तन कर रही थी। जो बोलो निर्भय सद्गुरु महाराज, सद्गुरु रविदास शक्ति... आदि जयकारे लग रहे थे। चौक, गोदौलिया, सोनारपुरा, शिवाला, रवींद्रपुरी, दुर्गाकुण्ड, लंका, बीएचयू गेट होते हुए शोभायात्रा देर रात सीरगोवर्धन स्थित रविदास मंदिर पहुंचकर समाप्त हो गई। शोभायात्रा में संत कमलदास ब्रह्मचारी, मणिपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. आद्या प्रसाद पाण्डेय, सूरजदास, मुनि महाराज, प्रो. राजेंद्र सिंह, दिशू, संतलाल दास, संत दयाल चंद, ओमप्रकाश आदि शामिल थे।
संत रविदास जयंती पर संस्थाओं की ओर से विविध आयोजन हुए। संत शिरोमणि रविदास फाउंडेशन की ओर से माधोपुर की अम्बेडकर नगर बैंक कॉलोनी में गोष्ठी हुई। वक्ताओं ने संत रविदास को महान समाज सुधारक बताया। गोष्ठी में देवव्रत शर्मा, गोपाल प्रसाद, हीरा बिंद, राधेश्याम, बिरजू कुमार, आशीष कुमार आदि रहे। गुरुनानक खालसा बालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। भेलूपुर स्थित पानी टंकी के पास राष्ट्रीय जनमंच की ओर से संत रविदास की जयंती मनाई गई। उधर कबीरचौरा स्थित मूलगादी मठ में भी भजन कीर्तन हुआ।


