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कानपुर के इस अस्‍पताल में चूहों का आतंक, 15 दिन में दो बार तहस-नहस कर दी सीवर लाइन 

Terror of Rats: कानपुर की घनी आबादी के बीच बसे केपीएम में चूहों का आतंक है। मरीजों से लेकर डॉक्टर और कर्मचारी तक इनसे आजिज आ चुके हैं। मशीन, उपकरण, दवा ही नहीं सीवर लाइन तक बर्बाद कर रहे हैं।

कानपुर के इस अस्‍पताल में चूहों का आतंक, 15 दिन में दो बार तहस-नहस कर दी सीवर लाइन 
Ajay Singhवरिष्ठ संवाददाता,कानपुरSat, 10 Feb 2024 01:26 PM
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Terror of Rats: कानपुर की घनी आबादी के बीच बसे कमला नेहरू मेमोरियल हॉस्पिटल (केपीएम) में चूहों का आतंक है। मरीजों से लेकर डॉक्टर और कर्मचारी तक इनसे आजिज आ चुके हैं। मशीन, उपकरण, दवा ही नहीं सीवर लाइन तक बर्बाद कर रहे हैं। 15 दिन में अस्पताल की सीवर लाइन को चूहों ने दो बार तहस-नहस कर डाला। इसकी वजह से अस्पताल प्रबंधन के सामने मुसीबत खड़ी है। कई प्रयास के बाद भी अस्पताल को इससे निजात नहीं मिली।

अस्पताल का निर्माण करीब 60 साल पहले हुआ था। शहर के बीचो-बीच बिरहाना रोड में होने के कारण यहां मरीजों का लोड उर्सला, हैलट के बाद सबसे अधिक है। चूहों के कारण यहां की हालत काफी खराब है। अस्पताल के बेसमेंट में चूहों की चहलकदमी हमेशा रहती है। चूहों ने यहां सीवर लाइन को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है। केयरटेकर ओमप्रकाश बताते हैं कि 15 दिन में दो बार चूहों ने अस्पताल की सीवर लाइन को जगह-जगह डेमज कर दिया। इससे लाइन में जगह-जगह रिसाव होने से बेसमेंट में सीवर का गंदा पानी भर गया। सफाई कर्मियों को बुलाकर दोनों बार बेसमेंट से पानी निकाला गया। साथ ही सीवर लाइन को ठीक किया गया।

अलमारी में घुसकर काटते हैं कागजात 
अस्पताल के कर्मियों ने बताया कि चूहों के आतंक से परेशानी हो रही है। अलमारी में घुसकर कई बार अहम कागजात तक चूहों ने कुतर डाले। कम्प्यूटर के तार कई बार काट दिए। आए दिन ऐसे मामले आते हैं।

इंटरनेट के तारों और ग्लूकोज की बोतलों को यहां भी कुतरा 
हैलट की तरह चूहों ने यहां भी इंटरनेट के तारों को निशाना बनाया है। दवा स्टोर में ग्लूकोज की बोतल भी चूहे की पसंद बने हैं। सारा ग्लूकोज गटक जाते हैं। नर्सों ने बताया कि बचाव के लिए सारे प्रयास बेकार साबित हुए।

गंदगी बड़ी वजह
अस्पताल के आसपास काफी गंदगी भी है। यह चूहों की ज्यादा संख्या होने का बड़ा कारण है। कर्मचारियों के अनुसार, बगल वाली गली की तरफ लोग चूहे छोड़ देते हैं। वहीं अस्पताल में घुस आते हैं।

चूहों का आकार देखकर मरीज भी रहते हैं डरे-डरे
महिला वार्ड में पतारा की नीलम बताती हैं कि यहां रात में चूहों की चहलकदमी खूब सताती है। कई बार तो चूहे बेड पर चढ़ जताते हैं। जनरल वार्ड में तीमारदार सोनेलाल कुरील कहते हैं कि चूहों का आकार आधे-आधे हाथ तक है।

केपीएम के सीएमएस डॉ. आरसी यादव ने कहा कि चूहों ने सीवर लाइन को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है। बचाव के लिए प्रयास हो रहे हैं। मरीजों से भी खानपान का सामान इधर-उधर नहीं फैलाने और सफाई रखने को कहा जाता है। आसपास के लोगों का भी सहयोग जरूरी है।

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